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नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सदैव पारदर्शिता, सुशासन और जनहितैषी सुधारों की पक्षधर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों के दौरान राजस्व एवं पंजीयन विभाग में कई बड़े, तकनीकी और
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संजय श्रीवास्तव अंबिकापुर भाजपा कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। श्रीवास्तव ने कहा कि वित्त मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में किए जा रहे आर्थिक सुधारों की श्रृंखला में गाइडलाइन दरों को युक्तिसंगत बनाना एक महत्वपूर्ण कदम है। कांग्रेस द्वारा इसका विरोध यह दर्शाता है कि वह आज भी काले धन की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना चाहती है, जबकि भाजपा सरकार पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
काले धन पर लगेगी रोक संजय श्रीवास्तव ने कहा कि पहले जमीन की वास्तविक बाजार कीमत और गाइडलाइन दरों में भारी अंतर होने से सबसे अधिक परेशानी ईमानदार और मध्यमवर्गीय नागरिकों को होती थी। वास्तविक कीमत पर रजिस्ट्री न होने के कारण उन्हें समुचित होम लोन नहीं मिल पाता था। अब गाइडलाइन दरों के युक्तिसंगत होने से वास्तविक लेन-देन दर्ज होगा, काले धन पर प्रभावी रोक लगेगी और आम जनता को भूमि की वास्तविक कीमत पर ऋण सुविधा उपलब्ध होगी।
काले धन पर लगेगी रोक संजय श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्व में कम गाइडलाइन दरों के कारण रजिस्ट्री केवल गाइडलाइन मूल्य पर होती थी और शेष राशि नकद में दी जाती थी। अब केवल गाइडलाइन मूल्य पर ही पंजीयन शुल्क लेने की व्यवस्था से फर्जीवाड़ा रुकेगा और फॉर्मल इकॉनॉमी को मजबूती मिलेगी।
श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने गाइडलाइन दरें बढ़ाने के बजाय लगभग 30 प्रतिशत तक घटाईं, ताकि कोयला, शराब, पीएससी, महादेव ऐप, धान, DMF जैसे घोटालों से अर्जित काले धन को जमीन में खपाया जा सके। विसंगतियों का अंत, घोटालों पर रोक
संजय श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में वर्गमीटर और हेक्टेयर दरों के बीच 5 से 20 गुना के अंतर के कारण भारत माला, एनटीपीसी, उरगा-कटघोरा राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अन्य परियोजनाओं में बड़े घोटाले हुए। अब वर्गमीटर दर हटने से इस प्रकार के घोटालों की संभावना लगभग समाप्त हो गई है।
कानून के अनुसार हर वर्ष गाइडलाइन दरों का पुनरीक्षण आवश्यक है, लेकिन छत्तीसगढ़ में 2017-18 के बाद यह नहीं हुआ था। इस अवधि में बाजार मूल्य 2 से 5 गुना तक बढ़ गया था। अब यह सुधार कर “ब्लैक मनी स्पॉट” की छवि को समाप्त किया जा रहा है।
किसानों और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत उन्होंने बताया कि किसानों के हित में परिवर्तित भूमि, असिंचित भूमि, दो फसली भूमि, कुआँ, बोरिंग, तालाब, कच्चे मकान, पेड़ फलदार वृक्ष एवं बाउंड्रीवाल पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क समाप्त किए गए हैं।
शहरी क्षेत्रों में मल्टीस्टोरी भवनों में अब केवल बिल्ट-अप एरिया पर ही शुल्क लिया जाएगा, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों को 20 से 30 प्रतिशत तक लाभ मिलेगा। जमीन रजिस्ट्री आसान करने के लिए 117 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट कार्यालयों में बदला जा रहा है।
पत्रकारों से चर्चा के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया, जिला महामंत्री विनोद हर्ष, जिला उपाध्यक्ष मधुसूदन शुक्ला, जिला संवाद प्रमुख रुपेश दुबे, पार्षद मनोज गुप्ता एवं संयोजक नीलेश सिंह,विकास वर्मा, मयंक जायसवाल, संजीव वर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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