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कोटा नगर पंचायत में नियमित कार्यरत कर्मचारियों को पिछले दो माह से वेतन का भुगतान नहीं किए जाने से कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए। नगर पंचायत कार्यालय परिसर के बाहर शुरू हुई हड़ताल के कारण कार्यालयीन कार्य प्रभावित हो गए हैं, जिससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि वेतन ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। घर-परिवार, बच्चों की पढ़ाई, किराया, बिजली-पानी और रोजमर्रा की जरूरतें वेतन पर निर्भर हैं। लगातार दो माह से वेतन न मिलने के कारण कई कर्मचारी आर्थिक संकट में हैं और कर्ज लेकर घर चलाने को मजबूर हैं। कर्मचारियों ने बताया कि उच्च अधिकारियों और नगर पंचायत प्रशासन को मौखिक व लिखित रूप से सूचित किया गया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला। हड़ताल के कारण साफ-सफाई, जल आपूर्ति आदि तो प्रभावित नहीं हुई, लेकिन कार्यालयीन कार्य और अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं ठप हो गई हैं।
हड़ताल पर बैठे कर्मचारी अरूण मानिकपुरी ने कहा, मुझे हर माह 25 हजार रुपए का लोन चुकाना पड़ता है, मैं वेतन पर ही आश्रित हूं। वेतन न मिलने से कर्ज लेकर ही घर चलाना पड़ रहा है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी राहुल यादव ने कहा कि वसूली कम होने के कारण कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं हो सका है और कल कर्मचारियों से मिलकर बातचीत की जाएगी। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया जाता, हड़ताल जारी रहेगी।
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