जिला स्तरीय जाति छानबिन समिति ने दो साल में नहीं की प्रमाणपत्र की जांच।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर के आबकारी अफसर राजेश हेनरी पर आपराधिक षड्यंत्र कर फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाने का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने बिलासपुर के जिला स्तरीय जाति छानबीन समिति को जल्द जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।
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आबकारी अफसर राजेश हेनरी पर आपराधिक षड्यंत्र कर फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप है। आरोप है कि बिलासपुर में बने इस फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए वह पिछले 35 साल से आबकारी विभाग में नौकरी कर रहे हैं। इस मामले में भोपाल निवासी प्रभात पांडे ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
जिसमें बताया कि मध्यप्रदेश के अतिरिक्त आबकारी आयुक्त राजेश हेनरी ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी हासिल की है। उन्होंने इस संबंध में 22 जून 2024 को शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन लंबे समय से यह मामला बिलासपुर की जिला स्तरीय जाति सत्यापन समिति के पास लंबित पड़ा है।

तहसील कार्यालय में नहीं है कोई रिकार्ड
याचिका में बताया गया कि सूचना के अधिकार के तहत ली गई जानकारी के अनुसार राजेश के प्रमाणपत्र में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर तहसील के सील और साइन मिले। लेकिन, जब बिलासपुर तहसील कोर्ट के दायरा पंजी में साल 1990-91 के प्रकरण की जानकारी ली गई, तब पता चला कि तहसील कार्यालय में उनके जाति प्रमाण पत्र का प्रकरण ही दर्ज नहीं है।
दो साल से मामले को दबाए बैठे हैं अफसर
याचिकाकर्ता का आरोप है कि, छत्तीसगढ़ की उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने उनके अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाणपत्र को जांच के लिए जिला स्तरीय समिति को भेजा था। लेकिन, दो साल से अफसर जांच के बहाने मामले को दबा दिया है। इसके चलते जांच लंबित पड़ी है।
हाईकोर्ट बोला- जल्द निर्णय ले जिला स्तरीय छानबिन समिति
याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि, समिति को एक निश्चित समय सीमा के भीतर कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए जाएं, क्योंकि देरी से सत्यापन का उद्देश्य ही खत्म हो जाता है। इसके अलावा यह भी मांग की थी कि जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारी को आरक्षण के लाभ से वंचित रखा जाए और प्रमाण पत्र अवैध पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि, जब शिकायत सक्षम प्राधिकारी के पास लंबित है, तो उसे उचित समय के भीतर तय किया जाना चाहिए।
हाईकोर्ट ने बिलासपुर के जिला स्तरीय जाति सत्यापन समिति को निर्देश दिया है कि वह इस शिकायत पर कानून के अनुसार जल्द से जल्द निर्णय ले। कोई भी अंतिम आदेश पारित करने से पहले सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाए। हाईकोर्ट ने इस मामले में देरी पर नाराजगी जताई और समयसीमा में फैसला सुनिश्चित करने कहा।
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एमपी के अफसर पर फर्जी जाति प्रमाणपत्र के जरिए आबकारी विभाग में नौकरी हासिल करने का आरोप।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर के आबकारी अफसर राजेश हेनरी पर आपराधिक षड्यंत्र करके फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप है। आरोप है कि इस फर्जी प्रमाणपत्र का इस्तेमाल कर वह पिछले 35 साल से आबकारी विभाग में नौकरी कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
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