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कवर्धा जिले में प्रेम प्रसंग में शादी के लिए मना करने पर एक युवक ने नाबालिग को गला दबाकर मार डाला। सबूत मिटाने के लिए लड़की के शव को पेड़ में उसके ही चुनरी से लटका दिया था। जिससे सुसाइड दिखा सके। घटना 7 साल पहले की है।
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आरोपी ने नाबालिग को मिलने बुलाया उसी दौरान उसकी हत्या कर दी। फिर साथी के साथ मिलकर शव को पेड़ पर लटका दिया था। मामला कुकदूर थाना क्षेत्र का है। जिले में पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर का रिकॉर्ड खंगाला। जिस पर संदेह था, उस चश्मदीद से कड़ाई से पूछताछ हुई तो पूरी सच्चाई सामने आई। पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, इनमें एक नाबालिग शामिल है।
अब जानिए पूरा मामला
17 मई 2017 को थाना कुकदूर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमनिया की 14 साल की किशोरी राजबाई गोड का शव कोलिहामाड़ा नाला के पास भेलवा पेड़ में उसकी चुनरी से फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला था।
प्रारंभिक जांच में मर्ग क्रमांक 11/2017 धारा 174 दंड प्रक्रिया संहिता कायम कर शव पंचनामा एवं पोस्टमॉर्टम कराया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉक्टर ने मौत का कारण गला दबाने से दम घुटना बताया। जिसके आधार यह स्पष्ट हुआ कि मामला आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का है।
इसके आधार पर दिनांक 27 मई 2017 को अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध (क्रमांक 52/2017 धारा 302, 201) भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस ने उस दौरान जांच की पर हत्या का खुलासा नहीं हो सका।
महिला ने खोला राज
घटना के बाद यह प्रकरण सालों तक ब्लाइंड मर्डर बना रहा, साल 2025 में कबीरधाम पुलिस ने पुराने अनसुलझे मामलों की फिर से समीक्षा की। इस दौरान इस प्रकरण को प्राथमिकता पर लेते हुए पुनर्जीवित किया गया।
इस दौरान प्रकरण से जुड़े संदेहियों की पहचान कर उन पर लगातार निगरानी रखी गई, गोपनीय मुखबिर सक्रिय किए गए और घटना से जुड़े व्यक्तियों से बार-बार कड़ाई से पूछताछ की गई।
लगाता प्रयास के दौरान साक्षी लक्ष्मण टेकाम, निवासी ग्राम नेउर, ने घटना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी, जिसे महिला ने उस समय डर के कारण नहीं बता सकी थी।
साक्षी का कथन माननीय न्यायालय में धारा 164 दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत दर्ज कराया गया, जिससे इस केस को एक निर्णायक दिशा मिली।
आरोपी और उसके साथी ने मिलकर शव को ठिकाने लगाया
साक्ष्यों के आधार पर आरोपी रमला उर्फ राम धुर्वे से पूछताछ कर मेमोरेंडम कथन लिया गया, जिसमें उसने यह बताया गया कि दयाल उर्फ दयालाल बैगा (27 साल) ने मृतिका का गला दबाकर हत्या की थी फिर दोनों ने मिलकर हत्या को आत्महत्या का रूप देने के उद्देश्य से शव को उसकी चुनरी से पेड़ पर लटकाया गया।
इसके बाद आरोपी दयाल उर्फ दयालाल बैगा निवासी ग्राम घोघरा, वर्तमान निवासी ग्राम हाथीबुड़ान थाना कुकदूर से कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने भी अपना अपराध स्वीकार किया। आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर के कुल 14 मामलों को सुलझाया
बता दें कि कबीरधाम पुलिस ने पिछले एक साल के अंदर जिले के पुराने ब्लाइंड मर्डर के कुल 14 मामलों को सुलझाया है। जिनमें आरोपियों की गिरफ्तारी कर प्रकरणों का विधिवत खुलासा किया गया है।
इन मामलों में कवर्धा थाना क्षेत्र का चर्चित डॉक्टर दंपत्ति डबल मर्डर हत्याकांड, थाना तरेगांव और थाना पिपरिया के अंधे कत्ल प्रकरण प्रमुख रूप से शामिल हैं।
SP धर्मेन्द्र सिंह के नेतृत्व में कबीरधाम पुलिस सालों से लंबित और जटिल अंधे कत्ल प्रकरणों को प्राथमिकता पर लेते हुए एक के बाद एक सफलता प्राप्त कर रही है, जिससे आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास सुदृढ़ हुआ है।
SP बोले- कार्रवाई जारी रहेगी
SP धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि कबीरधाम पुलिस यह स्पष्ट संदेश देती है कि गंभीर अपराध चाहे कितने भी पुराने क्यों न हों, अपराधी कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने एवं नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कबीरधाम पुलिस द्वारा ऐसे सभी अनसुलझे मामलों पर कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
इस ब्लाइंड मर्डर को सुलझाने में ASP पुष्पेन्द्र कुमार बघेल और पंकज पटेल के मार्गदर्शन में अनुविभागीय अधिकारी पंडरिया पुलिस भूपत सिंह की भी भूमिका रही।
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