गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में शादी शुदा महिला का अश्लील वीडियो वायरल किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने अपने प्रेमी और पति के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। जिसके मुताबिक, उसके प्रेमी ने वीडियो बनाकर वायरल किया, जिसे बाद में पति ने भी र
.
वहीं, जिले में दूसरा मामला पेंड्रा थाना क्षेत्र का है। जिसमें समोसा खिलाने के बहाने छात्रा से रेप के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा मिली है। घटना कुछ समय पहले की है। कोर्ट ने 15 अक्टूबर 2025 को सजा का ऐलान किया।

पहला मामला, युवती का अश्लील वीडियो वायरल
युवती शादी शुदा थी। कुछ सालों से अपने पति से अलग मायके में रह रही थी। इसी दौरान उसकी जान-पहचान के युवक मोनू यादव से नजदीकियां बढ़ीं। पीड़िता के अनुसार, मोनू यादव ने उसके कुछ अश्लील फोटो और वीडियो बनाए और उन्हें वायरल कर दिया।
ये वीडियो उसने युवती के पति को भी भेजे। इसके बाद पति ने भी इन वीडियो को अपने रिश्तेदारों के साथ साझा कर दिया। वीडियो वायरल होने की जानकारी मिलने पर युवती ने तुरंत गौरेला थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मोनू यादव और पीड़िता के पति के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67-LCG, 67a-LCG, 3(5)-BNS, 79-BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओम चंदेल ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

रेप का आरोपी।
दूसरा मामला, रेप के आरोपी को आजीवन कारावास
पेंड्रा में नाबालिग स्कूली छात्रा से रेप के एक मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती ज्योति अग्रवाल की अदालत ने दोषी पाए गए आरोपी को यह सजा दी। यह घटना कुछ समय पहले की है।
जानकारी के मुताबिक, कोटमी क्षेत्र की रहने वाली एक नाबालिग छात्रा को बस स्टैंड पर आरोपी गंगादीन उर्फ गंगा खलखो मिला था। उसने छात्रा को घर छोड़ने और समोसा खिलाने का बहाना बनाकर बहला-फुसलाया। इसके बाद आरोपी उसे कोरबा जिले के पसान थाना क्षेत्र के तेलियामार गांव में अपने एक परिचित के घर ले गया और वहां दुष्कर्म किया।
घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर पेंड्रा थाना में आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया।
न्यायालय ने आरोपी गंगादीन उर्फ गंगा खलखो को पोक्सो एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक के लिए आजीवन कारावास और 5000 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा, उसे भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के अंतर्गत 5 वर्ष का कठोर कारावास और 2000 रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड का भुगतान न करने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा और दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।इस मामले में शासन पक्ष की ओर से विशेष अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने पैरवी की।
<
