बलौदाबाजार स्थित श्री रायपुर सीमेंट संयंत्र प्रबंधन ने आगामी आदेश तक लॉक आउट की घोषणा कर दी है। यह फैसला करीब 1300 श्रमिकों की नौ दिनों से जारी हड़ताल के बाद लिया गया है।
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श्रमिक ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, न्यूनतम मजदूरी, पदोन्नति और बोनस सहित अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर थे। प्रबंधन का कहना है कि श्रमिकों की यह हड़ताल औद्योगिक नीति के विपरीत है और कानून व सेवा समझौते का उल्लंघन करती है।
प्रबंधन की ओर से जारी आदेश में लॉक आउट के पीछे पांच प्रमुख कारणों का उल्लेख किया गया है। इनमें इंटक संगठन की ओर से रखी गई मांगों का श्रम कानून और सेवा शर्तों के अनुरूप न होना शामिल है।प्रबंधन ने बताया कि हड़ताल के कारण संयंत्र में कच्चे माल की गंभीर कमी हो गई है, जिससे उत्पादन कार्य पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
इसके अलावा सुरक्षा और अनुशासन व्यवस्था भी बाधित हुई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रबंधन ने लॉक आउट का निर्णय लिया है। लॉक आउट अवधि के दौरान श्रमिकों को ‘नो वर्क नो पेमेंट’ के आधार पर भुगतान किया जाएगा।

विधायक इंद्र साव ने दिया श्रमिकों को समर्थन
इधर, हड़ताल के नौवें दिन भाटापारा विधायक इंद्र साव भी श्रमिकों के समर्थन में सामने आए। विधायक ने श्रमिकों की मांगों को जायज बताते हुए प्रबंधन से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए और जल्द से जल्द सकारात्मक पहल होनी चाहिए। फिलहाल, लॉक आउट के बाद कंपनी में स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है और सभी की नजरें प्रशासन व प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी हैं।

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