केरल में मॉब लिंचिंग के शिकार हुए छत्तीसगढ़ के मजदूर का शव 6 दिन बाद उनके गृहग्राम सक्ती पहुंचा। मंगलवार (23 दिसंबर) को सक्ती जिले के करही गांव निवासी रामनारायण बघेल का शव पहुंचते ही पूरे गांव में गमगीन माहौल छा गया और परिजनों का बुरा हाल था।
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रामनारायण की अंतिम यात्रा में सक्ती के SDM, तहसीलदार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। करही स्थित मुक्तिधाम में अगले दिन 24 दिसंबर को पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।

मॉब लिंचिंग का वीडियो भा सामने आया था।
अब जानिए क्या हुआ था
दरअसल, 17 दिसंबर को केरल के अट्टापल्लम इलाके में स्थानीय लोगों ने छत्तीसगढ़ के सक्ती निवासी राम नारायण बघेल (31) को चोरी के शक में पकड़ा। बांग्लादेशी समझकर उसकी बेरहमी से पिटाई की।
राम नारायण के शरीर पर 80 से ज्यादा चोटों के निशान थे। सिर पर गंभीर चोटों के साथ खून ज्यादा बह गया, जिससे राम नारायण की मौत हो गई। मामला केरल के वालैयार थाना क्षेत्र का है। मजदूर की मौत के बाद परिवारों को भी देर से जानकारी दी गई थी।

हत्या के 6 दिन बाद मजदूर का अंतिम संस्कार किया गया।
केरल सरकार 30 लाख, छत्तीसगढ़ सरकार 5 लाख देगी
प्रशासनिक स्तर पर केरल प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। केरल सरकार ने कैबिनेट मीटिंग में पीड़ित परिवार को 30 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का फैसला किया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ सरकार ने 5 लाख मुआवजा देने की बात कही है।
इस मामले में आरोपियों पर मॉब लिंचिंग से संबंधित धाराओं के साथ SC-ST एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।

राज्य सरकार की मदद से केरल से शव सक्ती लाया गया।
दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग
इधर, परिजनों का कहना है कि मृतक के बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार उठाए और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने और पीड़ित परिवार को स्थायी राहत प्रदान करने की मांग की है।

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