कुरुक्षेत्र पुलिस की गिरफ्त में साइबर ठगी के लिए खाता बेचने के आरोपी।
कुरुक्षेत्र पुलिस ने साइबर ठगी के लिए अकाउंट बेचने वाले 2 आरोपियों को पकड़ा है। आरोपी गिरीश पवार व ध्रुव कुमार निवासी दुर्ग (छत्तीसगढ़) अपने अकांउट में ठगी का पैसा डलवाते थे। इस एवज में उनको कमीशन मिलता था।
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आरोपियों के खाते में करीब 6 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ। देशभर में आरोपियों के अकाउंट के खिलाफ 113 शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के अकाउंट से करीब 15 लाख रुपए होल्ड करवाकर शिकायतकर्ता को वापस दिलवाए।
मोबाइल पर विज्ञापन देखकर लगाए पैसे
कुरुक्षेत्र की रहने वाली महिला नितिन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसने अपने मोबाइल पर ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट का विज्ञापन देखा था। जिस पर उसने क्लिक किया तो उसके पास वॉट्सऐप कॉल आई, कॉलर ने उसे स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट की जानकारी दी।

प्रतीकात्मक फोटो।
50.65 लाख रुपए लगाए
आरोपियों की बातों में आकर कुछ पैसे शेयर मार्किट में लगा दिए। आरोपी ने मुनाफा देकर और पैसे लगाने का लालच दिया। तब उसने अपने पति के साथ मिलकर ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट में 50 लाख 65 हजार रुपए लगा दिए। लेकिन बाद में आरोपी ने उनको मुनाफा देने से मना कर दिया।
छत्तीसगढ़ से पकड़े गए
साइबर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच करते हुए आरोपी गिरीश पवार और ध्रुव कुमार को छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार किया। कोर्ट के ऑर्डर पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। पुलिस ने शिकायतकर्ता के आरोपियों के खाते में गए 14 लाख 88 हजार रुपए होल्ड करवाकर वापस करवाए।
आरोपी संस्था का डायरेक्टर
साइबर थाना के इंचार्ज PSI महेश कुमार ने बताया कि आरोपी गिरीश पवार के खाते में शिकायतकर्ता के अकाउंट से 16.30 लाख रुपए जमा हुए थे। आरोपी गिरीश सूर्य पथ फाउंडेशन का डायरेक्टर है। आरोपी ध्रुव ने साइबर ठग को गिरीश का खाता उपलब्ध करवाता था। आरोपी साइबर ठगों से 1 से डेढ़ प्रतिशत कमीशन लेता था।
113 शिकायतें दर्ज
PSI महेश कुमार ने बताया कि मई 2025 के दौरान उसके खाते में करीब 6 करोड़ रुपए की साइबर ठगी का लेनदेन हुआ। इस एवज में आरोपी को 6.50 लाख रुपए कमीशन मिला था। आरोपी के HDFC खाते के खिलाफ 75 और दूसरे खाते के खिलाफ 38 शिकायतें प्राप्त हुई। ठगी के लिए कोई खाता बेचेगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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