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किसान ने फसल बेचकर बनवाई सूर्यकुमार यादव की 4 क्विंटल की मूर्ति, 1300 किमी सड़क सफर कर पहुंचे मुंबई

भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव के जन्मदिन (14 सितंबर) पर बालोद के एक क्रिकेट प्रेमी ने उन्हें खास तोहफा दिया। किसान लोकेंद्र कुमार साहू ने अपनी फसल बेचकर करीब 2 लाख रुपए खर्च किए और सूर्यकुमार यादव की सीमेंट की मूर्ति बनवाई। लोकेंद्र 4 क्विंटल की मूर्ति लेकर सूर्यकुमार के मुंबई स्थित घर पहुंचे। वे 13 सितंबर को पिकअप से बालोद से मुंबई के लिए निकले थे। करीब 1300 किलोमीटर का सड़क सफर तय करने के बाद 14 सितंबर को मुंबई पहुंचे और उन्हें यह खास तोहफा दिया।

लोकेंद्र ने बताया कि एशिया कप में सूर्यकुमार यादव के शहीद परिवारों की मदद करने से प्रभावित होकर उन्होंने मूर्ति बनवाई। वहीं, सूर्यकुमार ने लोकेंद्र से बातचीत के दौरान कहा, “बिल्कुल हाइट और चेहरे और सभी बारीकियां अच्छे पकड़े हो, बहुत धन्यवाद। छत्तीसगढ़ भी जल्द आएंगे।”

जानकारी के मुताबिक, लोकेंद्र कुमार साहू गुंडरदेही ब्लॉक के देवगहन गांव के रहने वाले हैं और पेशे से किसान हैं। इसके अलावा वे क्रिकेट फैन हैं। उन्होंने फसल बेचकर सूर्यकुमार यादव की मूर्ति बनवाई। 14 सितंबर को वे मुंबई पहुंचे। लोकेंद्र के अनुसार, मुंबई पहुंचने के बाद उन्होंने दिनभर सूर्यकुमार यादव का पता ढूंढा। शाम को वे मूर्ति लेकर क्रिकेटर के घर के सामने पहुंच गए। करीब 2 घंटे तक मूर्ति लेकर बाहर खड़े रहे। जानकारी मिलने के बाद सूर्यकुमार ने अपने कर्मचारी के माध्यम से लोकेंद्र को अंदर बुलवाया। दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। विशाल मूर्ति देखकर सूर्यकुमार भी हैरान रह गए। उन्होंने लोकेंद्र का आभार जताया और मूर्ति की तारीफ की।

बाद में सूर्यकुमार यादव ने लोकेंद्र से हुई मुलाकात का वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया। उन्होंने कहा कि मूर्ति में उनकी हाइट, चेहरा और बारीकियां अच्छी तरह से दिखाई गई हैं। सूर्यकुमार ने लोकेंद्र से कहा कि वे जल्द ही छत्तीसगढ़ आएंगे और उनके परिवार से मुलाकात करेंगे।

लोकेंद्र ने बताया कि उन्होंने कृषि से होने वाली आय से करीब 2 लाख रुपए खर्च कर यह मूर्ति बनवाई है। इसे बालोद के स्थानीय मूर्तिकार नरेंद्र देवांगन और मध्यप्रदेश के अमरकंटक निवासी जयपाल ठाकुर ने मिलकर तैयार किया है। मूर्ति को मालवाहक पिकअप में सुरक्षित रखकर लोकेंद्र उसे मुंबई लेकर पहुंचे थे।

लोकेंद्र ने बताया कि वह सूर्यकुमार यादव की राष्ट्रभक्ति से भी प्रभावित हैं। उनके अनुसार, पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए सूर्यकुमार ने एशिया कप टूर्नामेंट की अपनी मैच फीस दान करने की घोषणा की थी। इसी भावना से प्रभावित होकर लोकेंद्र ने अपने खर्च से सूर्यकुमार की मूर्ति बनवाने का फैसला किया।

लोकेंद्र का यह प्रयास सिर्फ क्रिकेट प्रेम तक सीमित नहीं है। उन्होंने अपने खेत में अलग-अलग आतंकी और नक्सली हमलों में शहीद हुए 18 जवानों की प्रतिमाएं भी निजी खर्च से लगवाई हैं। इन प्रतिमाओं पर उन्होंने करीब 10 लाख रुपए खर्च किए हैं। इनमें कारगिल युद्ध, 26/11 मुंबई हमला, पुलवामा, गलवान घाटी और छत्तीसगढ़ के नक्सली हमलों में शहीद जवानों की प्रतिमाएं शामिल हैं।

लोकेंद्र का कहना है कि उनका उद्देश्य नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना जगाना है। उनकी इच्छा है कि इन शहीद जवानों की प्रतिमाओं का अनावरण किसी भारतीय क्रिकेटर के हाथों कराया जाए। इसे लेकर वे शहीद परिवारों के साथ प्रयास कर रहे हैं। इससे पहले वे भारत रत्न सचिन तेंदुलकर से भी मिलने की कोशिश कर चुके हैं।

मुंबई में मुलाकात के दौरान लोकेंद्र ने सूर्यकुमार यादव को अपने गांव देवगहन में स्थापित शहीद जवानों की प्रतिमाओं के बारे में बताया। उन्होंने सूर्यकुमार से गांव आकर इन प्रतिमाओं के लोकार्पण का आग्रह भी किया। लोकेंद्र के अनुसार, सूर्यकुमार ने जल्द ही देवगहन आकर उनके परिवार से मिलने का भरोसा दिया है।

लोकेंद्र साहू का क्रिकेट से जुड़ाव करीब 25 साल पुराना है। वे भारतीय टीम में खेलने का सपना लेकर मुंबई में ट्रेनिंग लेने पहुंचे थे। अब क्रिकेट के प्रति उनका यही लगाव अलग रूप में सामने आया है। वे अपने खर्च से क्रिकेटरों और शहीद जवानों की प्रतिमाएं स्थापित कर रहे हैं। लोकेंद्र ने देवगहन में अपने खर्च से सचिन तेंदुलकर की प्रतिमा भी लगवाई थी। अब सूर्यकुमार यादव की प्रतिमा लेकर मुंबई पहुंचने और उनसे मुलाकात के बाद उनका अगला सपना शहीद जवानों की प्रतिमाओं का लोकार्पण किसी भारतीय क्रिकेटर के हाथों कराना है।

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