दुर्ग में TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का प्रदर्शन:करीब 1000 शिक्षक सड़क पर उतरे, कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

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शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता और सेवा संबंधी लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को दुर्ग में शिक्षकों ने बड़ा प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले एलबी संवर्ग के करीब 1000 शिक्षक ‘TET मुक्ति विशाल रैली’ में शामिल हुए। शिक्षक रैली के रूप में दुर्ग कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के प्रतिनिधि तहसीलदार को मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का समयबद्ध निराकरण नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। मोर्चा के जिला संयोजक शत्रुघन साहू, चंद्रशेखर तिवारी और कमल वैष्णव ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही सेवा संबंधी विसंगतियों का असर शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, वेतन, पदोन्नति और पेंशन पर पड़ रहा है। TET की अनिवार्यता खत्म करने की मांग मोर्चा ने सेवारत शिक्षक संवर्ग के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त करने और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। शिक्षकों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने TET के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय दिया है। ऐसे में सेवारत शिक्षकों की पदोन्नति में TET को अनिवार्य नहीं किया जाना चाहिए। प्रथम नियुक्ति से सेवा गणना और पुरानी पेंशन शिक्षकों ने पंचायत संवर्ग में हुई प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना करने की मांग की। पूर्व सेवा अवधि का लाभ देते हुए पुरानी पेंशन सहित शिक्षा विभाग में लागू सभी सेवा संबंधी लाभ देने के लिए आवश्यक आदेश जारी करने की मांग ज्ञापन में की गई है। केंद्रीय वेतनमान के आधार पर वेतन की मांग मोर्चा ने लंबे समय से लंबित वेतन विसंगतियों का स्थायी निराकरण करने की मांग की। शिक्षकों का कहना है कि वेतन निर्धारण में केंद्रीय वेतनमान संरचना को आधार बनाया जाना चाहिए, ताकि समान कार्य और जिम्मेदारी के अनुरूप उन्हें न्यायोचित वेतन मिल सके। 13 फरवरी के राजपत्र में संशोधन शिक्षकों ने 13 फरवरी 2026 को जारी छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम संबंधी राजपत्र में एलबी संवर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन की मांग की। उनका कहना है कि नियमों की विसंगतियों को दूर कर पदोन्नति और सेवा हितों को सुरक्षित किया जाए। B.Ed. शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स की मांग B.Ed. प्रशिक्षित शिक्षक संवर्ग के लिए ब्रिज कोर्स की व्यवस्था करने की मांग भी की गई। मोर्चा ने शिक्षा विभाग से स्पष्ट योजना बनाकर आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि शिक्षकों की योग्यता संबंधी स्थिति स्पष्ट हो सके। मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन होगा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने कहा कि शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं का जल्द समाधान होना चाहिए। संगठन ने शासन से सभी मांगों पर समयबद्ध निर्णय लेने और शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों से सार्थक चर्चा करने की मांग की है। पदाधिकारियों के अनुसार, ज्ञापन कार्यक्रम के बाद शासन के रुख की समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर वृहद आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
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