छत्तीसगढ़ के धमतरी में करवा चौथ का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखा। शहर के रिसाई पारा वार्ड में एक स्थान पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की।
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दूर-दूर से पहुंची महिलाएं एक साथ एकत्रित हुईं और करवा चौथ माता की कथा सुनी। इस दौरान सभी महिलाएं एक ही वेशभूषा में थीं और उन्होंने अपनी थालियां सजाकर लाई थीं। पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं ने भी इस सामूहिक पूजा में बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।

करवा चौथ पर महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत
महिलाओं ने बताया कि वे हर साल इसी तरह सामूहिक रूप से पूजा करती हैं। व्रत की शुरुआत सुबह 4 बजे सरगी ग्रहण करने से होती है, जो सास द्वारा दी जाती है। इसके बाद महिलाएं दिनभर निर्जला उपवास रखती हैं। शाम को सामूहिक पूजा के बाद, चंद्रमा के दर्शन कर उसे अर्घ्य दिया जाता है, और फिर पति की पूजा की जाती है।
महिलाओं के अनुसार, करवा चौथ का यह व्रत पति की दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन करवा माता से पति की लंबी उम्र की कामना की जाती है। इस व्रत से जुड़ी एक कथा सात भाइयों और उनकी बहन से संबंधित है, जिसका पाठ इस दिन किया जाता है।



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