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झोलाछाप-डॉक्टर के इंजेक्शन से हुआ इंफेक्शन, मौत:बाइक से गिरने पर इलाज कराने पहुंचा था, बिगड़ी हालत; रायपुर-एम्स और मेकाहारा ने भर्ती से किया इनकार

छत्तीसगढ़ के कोरबा के बरपेलसरा गांव में झोलाछाप डॉक्टर के लगाए इंजेक्शन के बाद 28 वर्षीय युवक हर प्रसाद सोनवानी की मौत हो गई। बाइक से गिरने के बाद उसके घुटने में मामूली चोट लगी थी, जिसके इलाज के लिए वह तरदा के मुरली मनोहर उर्फ महाराज के पास गया था। मुरली मनोहर ने उसकी बाईं कमर में इंजेक्शन लगाया, जिसके दो दिन बाद कमर में तेज दर्द, सूजन और नीला निशान पड़ गया। हालत बिगड़ने पर परिवार के लोग उसे मेडिकल कॉलेज और फिर टीपी नगर के निजी अस्पताल ले गए। गंभीर हालत में रायपुर एम्स भी लेकर पहुंचे, लेकिन एम्स में डॉक्टरों ने बेड खाली नहीं होने की बात कहकर उसे भर्ती नहीं किया। इसके बाद परिजन उसे वापस कोरबा लेकर आए। 22 सितंबर को हर प्रसाद को फिर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने पोस्टमार्टम कर जांच शुरू कर दी है। वहीं आरोपी मुरली मनोहर घटना के बाद से फरार है और उसका मोबाइल बंद है। परिवार वालों ने मुरली मनोहर पर कार्रवाई की मांग की है। यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। बाइक से गिरने पर घुटने में लगी थी चोट परिजनों के मुताबिक, बेंदलकोना का रहने वाला हर प्रसाद रोजी-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026 के आसपास वह बाइक से कहीं जा रहा था। इसी दौरान अचानक उसके सामने एक कुत्ता आ गया। कुत्ते से बचने के दौरान बाइक अनियंत्रित हो गई और हर प्रसाद सड़क पर गिर गया। हादसे में उसके घुटने में मामूली चोट आई थी। इसके बाद वह इलाज के लिए थाना उरगा अंतर्गत ग्राम तरदा के मुरली मनोहर उर्फ महाराज के पास पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर किराए के मकान में अस्पताल चलाकर लोगों का इलाज करता था। कमर में इंजेक्शन लगाने के बाद बढ़ी परेशानी परिजनों के अनुसार, डॉक्टर ने हर प्रसाद की बाईं कमर में एक इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के बाद वह घर लौट आया। करीब दो दिन बाद उसकी कमर में तेज दर्द होने लगा। धीरे-धीरे कमर में खिंचाव और सूजन आ गई। इसके साथ ही इंजेक्शन वाली जगह पर नीले रंग का निशान भी दिखाई देने लगा। हर प्रसाद की हालत बिगड़ती देखकर 2 सितंबर को परिवार वाले उसे कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद इंजेक्शन की वजह से इंफेक्शन होने की बात कही और उसका इलाज शुरू किया। हालत बिगड़ने पर निजी अस्पताल में कराया भर्ती मेडिकल कॉलेज में करीब दो दिन इलाज चलने के बाद झोलाछाप डॉक्टर को हर प्रसाद की हालत की जानकारी मिली। परिजनों के मुताबिक, इसके बाद आरोपी झोलाछाप डॉक्टर खुद मेडिकल कॉलेज पहुंचा। उसने मरीज का बेहतर इलाज कराने की बात कही और उसे टीपी नगर स्थित एक निजी अस्पताल में शिफ्ट करा दिया। हालांकि निजी अस्पताल में भर्ती कराने के बाद भी हर प्रसाद की हालत में सुधार नहीं हुआ। उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। रायपुर एम्स भी ले गए, नहीं मिला बेड हर प्रसाद की गंभीर हालत को देखते हुए परिजन उसे बेहतर 9 सितंबर इलाज के लिए रायपुर के एम्स लेकर पहुंचे। लेकिन डॉक्टरों ने वहां बेड उपलब्ध नहीं होने की वजह बातकर उसे भर्ती से इनकार कर दिया। इसके बाद परिजन उसे वापस कोरबा लेकर आए। आखिरकार 22 सितंबर को हर प्रसाद को फिर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन हालत लगातार गंभीर बनी रही। सोमवार 5 अक्टूबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टर के खिलाफ शिकायत, पुलिस ने शुरू की जांच हर प्रसाद की मौत के बाद परिजनों ने सिविल लाइन थाने में शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत तरीके से इंजेक्शन लगाए जाने के कारण हर प्रसाद की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। घटना के बाद से आरोपी मुरली मनोहर उर्फ महाराज फरार बताया जा रहा है। उसका मोबाइल भी बंद है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। सिविल लाइन थाना प्रभारी आस्था शर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर मर्ग दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी। पुलिस ने मामले में परिजनों के बयान भी दर्ज किए हैं। ……………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जांजगीर जिला अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत:बच्चे को जन्म देने के बाद बिगड़ी तबीयत, परिजनों ने गलत इंजेक्शन का आरोप लगाया जांजगीर-चांपा के जिला अस्पताल में प्रसव के बाद 19 साल की एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला ने एक बेटे को जन्म दिया था। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और नवजात की देखभाल के लिए मुआवजे की मांग की है। पढ़ें पूरी खबर…

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