छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का कहर: गरियाबंद में बस बाढ़ में फंसी, 50 यात्री सुरक्षित निकाले गए; कई जिलों में स्कूल बंद, ट्रेनें और फ्लाइट रद्द

छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश का दौर जारी है। गरियाबंद में रायपुर से देवभोग जा रही यात्री बस सराई भदर के पास बाढ़ के पानी में फंस गई। नाले में करीब 4 फीट पानी था और दोनों ओर पानी का तेज बहाव था। बस में सवार करीब 50 यात्रियों को पुलिस जवानों और ग्रामीणों ने रस्सी बांधकर सुरक्षित बाहर निकाला।

राजधानी रायपुर के भाठागांव, सुंदर नगर, महादेवघाट रोड और विधानसभा क्षेत्र सहित कई इलाकों में जलभराव हो गया है। जगदलपुर के गंगा मुंडा इलाके के साथ निचली बस्तियों में नालियां जाम होने से सड़कें पानी में डूब गई हैं। मां प्रसाद मुखर्जी वार्ड में लोगों के घरों में भी नालियों का पानी घुस गया है। बारिश के चलते बस्तर जिले में आज सभी स्कूल बंद हैं।

रेलवे ट्रैक पर भूस्खलन से किरंदुल-विशाखापट्टनम रूट की 2 ट्रेनें और जगदलपुर-हैदराबाद फ्लाइट रद्द कर दी गई है। भारी बारिश के कारण रायगढ़ मंडल के MVG-CTS स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक पर लैंडस्लाइड हुआ है। इसके चलते आज (25 सितंबर) किरंदुल-विशाखापट्टनम रूट की दो प्रमुख ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इनमें 58502/58501 किरंदुल-विशाखापट्टनम पैसेंजर और 18516/18515 किरंदुल-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस शामिल हैं। बारिश के कारण जगदलपुर-हैदराबाद फ्लाइट भी रद्द कर दी गई है।

गरियाबंद में 24 घंटे में 200 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। इससे 10 साल पहले आई बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गरियाबंद और कांकेर में भारी बारिश के चलते प्रशासन ने आज से होने वाली तिमाही परीक्षा रद्द कर दी है। सिकासार बांध से सुरक्षा के लिए 15,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गरियाबंद के देवभोग और अमलीपदर में तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। तेल और सुखतेल नदी समेत कई बरसाती नाले उफान पर हैं। कई घरों में पानी घुस गया है और हजारों एकड़ खेत जलमग्न हो गए हैं। लोग रातभर घर का सामान बचाने में जुटे रहे।

सुकमा और बीजापुर के कई गांवों में बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात हैं। पानी भरने से कई गांव टापू में बदल गए हैं। दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से इंद्रावती नदी उफान पर है और निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। बस्तर जिले में लगातार बारिश और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए आज (25 सितंबर) भी जिले के सभी शासकीय, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। 24 सितंबर को भी जिले के स्कूल बंद रहे। 25 सितंबर को होने वाली त्रैमासिक परीक्षा के संबंध में अलग से निर्देश जारी किए जाएंगे।

बारिश के बीच इंद्रावती नदी के तटीय और निचले इलाकों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। कलेक्टर आकाश छिकारा ने SDM, तहसीलदारों और होमगार्ड कमांडेंट को फील्ड में रहकर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों में मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। जलमग्न होने की आशंका वाले रपटों और पुल-पुलियों पर दोनों ओर बैरिकेडिंग कर कोटवार और निगरानी दल तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से उफनती नदी, नालों और रपटों को पार नहीं करने की अपील की है। आपात स्थिति में बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने को कहा गया है।

सुकमा जिले की शबरी नदी का जलस्तर बढ़ने से झापरा पुल के ऊपर पानी बह रहा है। पुल पर आवागमन बंद होने से एक दर्जन से ज्यादा पंचायतों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। वहीं, एर्राबोर में NH-30 और सुकमा-दोरनापाल मार्ग पर भी पानी आने से यातायात प्रभावित हुआ है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और उससे लगे दक्षिणी ओडिशा के ऊपर बना गहरा लो प्रेशर एरिया उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके असर से मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। अगले 24 घंटे में प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

बालोद में 24 घंटे से तेज बारिश हुई। रायपुर-जगदलपुर NH-30 के मरकाटोला घाट में गुरुवार रात पहाड़ से चट्टानें और बड़े पत्थर गिर गए। पुलिस ने पत्थर हटाकर रास्ता खुलवाया, बड़े पत्थरों को JCB से हटाया जा रहा है; दोबारा पत्थर गिरने की आशंका से एक तरफ से ट्रैफिक चलाया जा रहा है। बालोद, डौंडी-डौंडीलोहारा, देवरी, अर्जुन्दा, गुंडरदेही और गुरुर में नदी-नाले उफान पर हैं, खेतों में पानी भर गया है। बालोद शहर के बस स्टैंड, शिकारीपारा, कुंदरूपारा, रेलवे कॉलोनी और गंजपारा में जलभराव है। बारिश के चलते आज जिले के सभी स्कूल बंद हैं।

धमतरी में लगातार बारिश से जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। गंगरेल 98.14%, मुरुमसिल्ली 100%, दुधावा 97.21% और सोदूर 88.18% भर चुका है। गंगरेल के 10 गेट खोलकर 54,950 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से महानदी समेत आसपास की नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी कर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।

मौसम विभाग ने उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और उससे लगे दक्षिणी ओडिशा के ऊपर बने डीप डिप्रेशन के उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की जानकारी दी है। इसके धीरे-धीरे कमजोर होने के बावजूद इसका असर छत्तीसगढ़ के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में बारिश के रूप में दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है।

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