डूमरबहार में चोरी के बाद पुलिस की मुस्तैदी, कुछ ही घंटों में आरोपी शंकर भगत गिरफ्तार

जशपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बागबहार थाना क्षेत्र के ग्राम डूमरबहार में घर का ताला तोड़कर सोने के जेवर चोरी करने वाले आरोपी शंकर भगत (उम्र 34 वर्ष) को चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया लगभग 70,000 रुपये मूल्य का एक जोड़ी सोने का कर्णफूल बरामद कर जब्त किया है। यह कार्रवाई 05 नवंबर 2026 को की गई।

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि 04 नवंबर 2026 को प्रार्थी ललित यादव (उम्र 20 वर्ष) ने बागबहार थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी ने बताया कि 03 नवंबर 2026 की रात्रि करीब 09:00 बजे उसके माता-पिता खाना खाने के बाद दुकान में सोने चले गए थे। रात्रि करीब 10:30 बजे जब ललित यादव होटल से अपने घर सोने आया तो उसने देखा कि घर के दरवाजे का ताला टूटा हुआ था और दरवाजा खुला था।
घर के अंदर जाकर देखने पर अलमारी खुली हुई थी और सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। इसकी जानकारी प्रार्थी ने अपने माता-पिता को दी। तीनों ने घर की जांच की तो अलमारी में रखा सोने का एक जोड़ी कर्णफूल गायब मिला। प्रार्थी ने घर के आसपास शंकर भगत को घूमते हुए देखने की बात बताई और उस पर चोरी करने का संदेह जाहिर किया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना बागबहार में अपराध क्रमांक 109/26, भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(3) और 305 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार, बागबहार पुलिस ने संदेह के आधार पर ग्राम डूमरबहार में पतासाजी कर शंकर भगत को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी शंकर भगत ने प्रार्थी के घर के दरवाजे में लगा ताला तोड़कर अंदर प्रवेश करने और अलमारी में रखे सोने के एक जोड़ी कर्णफूल को चोरी करना स्वीकार किया।
आरोपी की स्वीकारोक्ति के बाद, पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी किया गया सोने का एक जोड़ी कर्णफूल, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 70,000 रुपये है, बरामद कर विधिवत जब्त किया। प्रकरण में आरोपी शंकर भगत, निवासी ग्राम डूमरबहार, थाना बागबहार, जिला जशपुर, द्वारा अपराध स्वीकार करने और पर्याप्त सबूत पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
इस मामले की कार्यवाही और आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी बागबहार उप निरीक्षक सुनील सिंह, प्रधान आरक्षक विरेन्द्र सनमानी, आरक्षक पवन पैंकरा, आरक्षक सुरेश कुमार नाग और सैनिक राकेश भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




