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जशपुर की सीमा पर स्थित मांझाटोली में आगामी 30 दिसंबर को अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक कार्तिक जतरा का आयोजन होगा। यह गुमला पंखराज साहेब कार्तिक उरांव आदिवासी शक्ति स्वायत्तशासी विश्वविद्यालय निर्माण समिति के तत्वावधान में आयोजित है। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगी।
आयोजक शिवशंकर ने बताया कि इलाके के ग्रामीण अभिभावक संसाधन और आर्थिक अभाव के कारण चाहकर भी अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए दूर विश्वविद्यालयों में नहीं भेज पाते। नौजवान अधूरी शिक्षा के कारण रोजी-रोजगार और नौकरी की परीक्षाओं में सफल नहीं हो पाते और गांव में ही रहने या पुश्तैनी खेती-किसानी करने के लिए विवश हो जाते हैं। कई बेरोजगार होकर कुठाग्रस्त हो जाते हैं और समाज विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हो जाते हैं। समिति ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी। अध्यक्ष व पूर्व विधायक शिवशंकर उरांव ने कहा कि लगभग 15 वर्षों के प्रयास के बाद यह अवसर आया है जब देश की प्रथम नागरिक इस जन सांस्कृतिक जतरा में मुख्य अतिथि होंगी। उन्होंने बताया कि स्वर्गीय कार्तिक उरांव के सपनों को साकार करने के उद्देश्य से वर्ष 2010 से लगातार जन सांस्कृतिक जतरा का आयोजन किया जा रहा है।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि मांझाटोली का यह स्थल छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा तीनों राज्यों का सीमांत क्षेत्र है, जिससे आयोजन का अंतरराज्यीय महत्व बढ़ जाता है। इस वर्ष के कार्यक्रम में झारखंड, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के मुख्यमंत्री के अलावा कई केंद्रीय मंत्रियों के भी शामिल होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी शक्ति विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग लंबे समय से की जा रही है, जिसे मूर्त रूप देने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। बताया गया कि 29 दिसंबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में तीनों राज्यों से लगभग एक हजार खोड़हा दल भाग लेंगे, जबकि 30 दिसंबर को एक लाख से अधिक लोगों के आने की संभावना है। उसी अनुरूप प्रशासनिक और आयोजन स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
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