खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के एक प्राइमरी स्कूल में पिछले करीब पंद्रह दिनों से छात्राएं अचानक बेहोश हो रही हैं। अब तक 20 से 25 छात्राएं बेहोश चुकी हैं। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने स्कूल में लगातार मेडिकल कैंप लगाए। डॉक्टरों ने छात्राओं के ब्लड टेस्ट
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इस मामले में कलेक्टर इंद्रजीत चंद्रवाल ने बीएमओ को प्रभावित छात्राओं की मनोवैज्ञानिक जांच कराने के निर्देश दिए, ताकि समस्या की वास्तविक वजह सामने आ सके। शुरुआती आकलन में इसे ‘मास हिस्टीरिया’ यानी सामूहिक मानसिक प्रभाव का मामला माना जा रहा है। मामला खैरबाना प्राइमरी स्कूल का है।
पेरेंट्स के अनुसार, बच्चियां घर से पूरी तरह स्वस्थ निकलती हैं, लेकिन स्कूल परिसर में कदम रखते ही उन्हें चक्कर आने लगते हैं और वे बेहोश होकर गिर पड़ती हैं। इस घटनाक्रम के कारण कुछ पेरेंट्स अपने बच्चों को स्कूल भेजने से भी हिचकने लगे हैं।

डॉक्टरों ने छात्राओं के ब्लड टेस्ट सहित सभी आवश्यक जांचें कीं।

कलेक्टर इंद्रजीत चंद्रवाल स्कूल पहुंचे। उन्होंने स्कूल परिसर का निरीक्षण किया।

मामला खैरबाना प्राइमरी स्कूल का है।
स्कूल में लगातार मेडिकल कैंप
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने स्कूल में लगातार मेडिकल कैंप लगाए। डॉक्टरों ने छात्राओं के ब्लड टेस्ट सहित सभी आवश्यक जांचें कीं। हालांकि, किसी भी शारीरिक बीमारी, संक्रमण या जहरीले पदार्थ का कोई प्रमाण नहीं मिला। सभी मेडिकल रिपोर्ट सामान्य आई हैं।
कलेक्टर के निर्देश, मनोवैज्ञानिक जांच होगी
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर इंद्रजीत चंद्रवाल स्कूल पहुंचे। उन्होंने स्कूल परिसर का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने मनोवैज्ञानिक जांच कराने के निर्देश दिए है। विशेषज्ञों के अनुसार, डर, तनाव या किसी एक घटना की चर्चा पूरे समूह पर मानसिक असर डाल सकती है।
जिससे एक बच्ची को देखकर दूसरी में भी वही लक्षण उभर आते हैं। फिलहाल, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मामले पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। स्कूल प्रबंधन को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

शुरुआती आकलन में मास हिस्टीरिया की आशंका
जिला पंचायत सीईओ प्रेमकुमार पटेल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग अनुसार प्राथमिक जांच में मामला मास हिस्टीरिया का प्रतीत हो रहा है। डर और मानसिक तनाव के कारण एक-दूसरे को देखकर छात्राओं की तबीयत बिगड़ रही है। सीएमएचओ के निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। मेडिकल टीम स्टूडेंट्स और पेंरेट्स से बातचीत करेगी।
क्या है मास हिस्टीरिया ?
मास हिस्टीरिया को आसान शब्दों में “डर या तनाव का सामूहिक प्रभाव” कहा जा सकता है। इसमें एक साथ कई लोगों को बीमारी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, लेकिन जांच करने पर कोई असली शारीरिक बीमारी नहीं मिलती। जब किसी समूह में जैसे स्कूल, छात्रावास या गांव का एक व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाए या बीमार पड़ जाए, तो उसे देखकर दूसरों के मन में डर बैठ जाता है। यही डर धीरे-धीरे दिमाग पर असर करता है और बाकी लोगों में भी चक्कर आना, घबराहट, कमजोरी, सांस लेने में परेशानी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखने लगते हैं।
यह क्यों होता है ? • ज्यादा डर या तनाव • अफवाहें या गलत बातें • बच्चों का संवेदनशील मन • किसी एक घटना को बार-बार देखना या सुनना
इलाज क्या है ? • घबराहट न फैलाना • बच्चों को समझाना और भरोसा दिलाना • मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग • शांत और सुरक्षित माहौल बनाना
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