एमसीबी जिले के खड़गवां-रतनपुर में संरक्षित बैगा जनजाति के परिवारों के मकान तोड़े जाने की घटना से क्षेत्र में रोष है। बुधवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित बैगा परिवारों से मुलाकात कर जानकारी ली।
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बैज ने प्रशासनिक कार्रवाई को “क्रूर, अमानवीय और असंवैधानिक” बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना चिंताजनक है और इसकी निंदा की।
बैज ने कहा कि बैगा जनजाति राष्ट्रपति की दत्तक पुत्र है, इसलिए उनकी सुरक्षा और सम्मान सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इस पूरी घटना की जानकारी राष्ट्रपति को भी देने की बात कही। बैज ने जोर देकर कहा कि बैगा जनजाति पर अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुनर्वास नहीं होने पर धरना देंगे कांग्रेसी नेता
प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को न्याय और पुनर्वास नहीं दिया, तो अधिकारियों के घर के बाहर धरना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों के निर्णय से घर तोड़े गए, उन्हें चैन से नहीं रहने दिया जाएगा।
बैज ने खंडहर बने मकानों का निरीक्षण करते हुए कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना बच्चों और महिलाओं को खुले आसमान के नीचे छोड़ देना मानवता के खिलाफ अपराध है। उन्होंने इस कार्रवाई को समाज विरोधी और राक्षसी मानसिकता का परिचायक बताया। बैज के अनुसार, सरकार को पहले पुनर्वास, सुरक्षा, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाओं का प्रबंध करना चाहिए था।
पीड़ित बैगा परिवारों ने बताया कि वे वर्षों से उसी स्थान पर रह रहे थे। अचानक हुई प्रशासनिक कार्रवाई के कारण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को रात में खुले में रहना पड़ा। उनके घर का सामान, जिसमें किताबें, कॉपियां, पंखे और अलमारियां शामिल थीं, बिखरा पड़ा और क्षतिग्रस्त हो गया। बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई है और उनके लिए खाने-पीने व रहने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
इस निरीक्षण के दौरान दीपक बैज के साथ पूर्व विधायक गुलाब कमरों, पूर्व विधायक डॉ. विनय जायसवाल, एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे, जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, राजकुमार केसरवानी, सौरव मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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