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बिलासपुर। हाई कोर्ट रोड के पुनर्निर्माण को लेकर एनआईटी रायपुर द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट से लोक निर्माण विभाग के अधिकारी फिलहाल सहमत नहीं हैं। रिपोर्ट में मौजूदा सीसी रोड के ऊपर ही एक और सीसी रोड बनाने की अनुशंसा की गई है, जिस पर विभाग ने आपत्ति जताई है। पीडब्ल्यूडी का मानना है कि इस प्रस्ताव पर अमल करने से पहले और अधिक मंथन की आवश्यकता है।
चीफ इंजीनियर आरके. रात्रे के अनुसार यदि वर्तमान सीसी रोड के ऊपर ही दूसरी परत बिछाई जाती है, तो सड़क का लेवल काफी ऊंचा हो जाएगा। इससे बरसात के दौरान सड़क किनारे बसे घरों और बस्तियों में पानी घुसने की समस्या पैदा हो सकती है। इसी तकनीकी कारण से विभाग फिलहाल एनआईटी की रिपोर्ट को हुबहू स्वीकार करने के पक्ष में नहीं है।
पेंड्रीडीह से काली मंदिर तिफरा तक लगभग 11 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण वर्ष 2013 में करीब 70 करोड़ रुपए की लागत से किया गया था। उस समय यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा थी, जिसे अब पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित कर दिया गया है। निर्माण के कुछ समय बाद ही सड़क पर दरारें आनी शुरू हो गई थीं। सरकारी धन का सदुपयोग सुनिश्चित करने और सड़क को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से ही विभाग ने निर्माण पूर्व एनआईटी रायपुर से जांच कराई थी।
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