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जीपीएम कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने ज्ञानभारतम मिशन के तहत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान की समीक्षा की। इस दौरान बताया गया कि जिले में अब तक 30 प्राचीन पांडुलिपियां सत्यापित की जा चुकी हैं। कलेक्टर ने इन सदियों पुरानी पांडुलिपियों को राष्ट्रीय धरोहर बताते हुए उनके दस्तावेजीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट के अरपा सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने संभावित संस्थाओं जैसे संस्कृत विद्यालय, प्राचीन मंदिर, मस्जिद, चर्च, जैन मंदिर और व्यक्तियों से संपर्क कर पांडुलिपियों का पता लगाने को कहा। पांडुलिपियों के सर्वेक्षण के लिए जिला स्तरीय समिति सक्रिय अभियान के जिला नोडल अधिकारी डॉ. राहुल गौतम ने जानकारी दी कि जिला स्तरीय समिति का गठन हो चुका है। जिले में 6 मास्टर ट्रेनर और 174 सर्वेक्षक नियुक्त किए गए हैं। 21 अप्रैल से शुरू हुए सर्वेक्षण में 13 मई तक 15 सर्वेक्षण पूरे हो चुके हैं, जिनमें 30 पांडुलिपियां सत्यापित की गई हैं। इस अभियान का लक्ष्य देशभर में बिखरी ऐतिहासिक पांडुलिपियों की पहचान, दस्तावेजीकरण और डिजिटल संरक्षण करना है। निर्माणाधीन कंपोजिट बिल्डिंग का औचक निरीक्षण इसके अतिरिक्त, कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने निर्माणाधीन कंपोजिट बिल्डिंग का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने भवन निर्माण की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के साथ-साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समय-सीमा में इसे पूर्ण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। कलेक्टर ने कहा कि कंपोजिट बिल्डिंग के पूरा होने से विभिन्न विभागों के कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा और आम नागरिकों को सुविधाजनक वातावरण में सेवाएं मिल सकेंगी।
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