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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में मनरेगा के तकनीकी सहायक तरुण ताम्रकार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उन पर पशु शेड के मूल्यांकन के एवज में 5000 रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप था। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने प्रारंभिक जांच और जनपद पंचायत स्तरीय जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है। यह मामला तब सामने आया जब पूर्व आवास मित्र हेतराम राठौर ने तकनीकी सहायक तरुण ताम्रकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। हेतराम के पिता धर्मलाल के नाम पर बने पशु शेड के सरकारी मूल्यांकन के लिए तरुण ताम्रकार ने 5000 रुपए की मांग की थी। पीड़ित हेतराम ने इस लेनदेन का एक वीडियो बनाया, जिसमें जनपद पंचायत कार्यालय की छत पर 4000 रुपए का भुगतान करते हुए देखा जा सकता है। रिश्वत देने के बावजूद काम न होने की शिकायत हेतराम राठौर का आरोप है कि रिश्वत देने के बावजूद उनकी फाइल लंबित रखी गई और काम पूरा नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने यह मामला उजागर किया। वीडियो के माध्यम से भ्रष्टाचार का यह प्रकरण जिला प्रशासन के संज्ञान में आया। मामले की जांच के लिए एक दल गठित किया गया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर जिला पंचायत सीईओ ने आरोपी तकनीकी सहायक को पद से हटा दिया।
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