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कोंडागांव जिला अस्पताल में रविवार को मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल परिसर में स्थित दोनों जेनरिक मेडिकल स्टोरों पर ताले लटके मिले, जिससे मरीजों को सस्ती दवाएं नहीं मिल पाई।
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अस्पताल के भीतर धनवंतरी और जन औषधि नामक दो मेडिकल स्टोर संचालित होते हैं। इनका उद्देश्य मरीजों को सामान्य बाजार दर से 50 से 70 प्रतिशत सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना है। स्टोर बंद होने के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को 3 किलोमीटर दूर शहर के निजी मेडिकल स्टोरों से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ीं।
अस्पताल में लापरवाही उजागर
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार, अस्पताल परिसर में स्थित किसी भी दवा दुकान को 24 घंटे खुला रखना अनिवार्य है ताकि आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल दवा मिल सके। इसके बावजूद जिला अस्पताल में मेडिकल स्टोरों का बंद रहना स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही को दर्शाता है।
दवा के लिए भटके परिजन
दवा लेने पहुंचे एक मरीज के परिजन महेंद्र कुमार पांडे ने बताया, “सुबह से दवा के लिए भटक रहे हैं। अस्पताल के दोनों जेनरिक स्टोर बंद हैं। डॉक्टर ने जो दवा लिखी है, वह बाहर कहीं मिल ही नहीं रही। मजबूर होकर शहर जाना पड़ा।”
डॉ. मोहित पाठक ने भी पुष्टि की कि रविवार को दोनों मेडिकल स्टोर बंद रहते हैं, जिससे मरीजों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर के पास कोई अन्य मेडिकल स्टोर नहीं है, इसलिए परिजनों को दवाएं लाने के लिए काफी दूर जाना पड़ता है।
इस मामले में सिविल सर्जन पी.एल. मंडावी से बात करने पर उन्होंने कहा, “अस्पताल परिसर में स्थित मेडिकल स्टोर बंद नहीं रखे जा सकते। मैं इस समय बाहर हूं, लेकिन क्यों बंद हैं इसकी जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”
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