गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को इकोटूरिज्म साइट 2025 का राज्य स्तरीय सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार मिला है। 28 सितंबर विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर यह सम्मान राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा आयोजित समारोह में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और पर्यटन
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यह पुरस्कार जिले की सबसे ऊंची पर्वत चोटी राजमेरगढ़ पर्यटन क्षेत्र में पर्यावरणीय पर्यटन विकास के उत्कृष्ट प्रयासों के लिए मिला है। राजमेरगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है, जिसने प्रदेश के ईको-टूरिज्म मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया है।

ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में हो रहा विकसित
जिला प्रशासन, समुदाय और पर्यावरणविदों के समन्वित प्रयासों से इस क्षेत्र को पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाया गया है। कलेक्टर लीना मंडावी ने इस अवसर पर कहा कि यह सम्मान जिले के सभी नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और प्रशासनिक टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि राजमेरगढ़ को एक मॉडल ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने का उनका सपना अब हकीकत की ओर बढ़ रहा है। यह उपलब्धि न केवल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के लिए गौरव का विषय है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है।

पर्यटन मंत्री और कलेक्टर ने जिले वासियों को इस सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। सतत् और जिम्मेदार पर्यटन के क्षेत्र में यह कदम आने वाले समय में आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय समृद्धि के नए द्वार खोलेगा।
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