गुरूवार की रात को साफ-सफाई के बाद मंदिर में पैरो के निशान देखे गए
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला के पंडरीपानी गांव में एक मामला सामने आया है। जिसमें विजयादशमी के दिन दुर्गा मंदिर के पास चबुतरे में नवजात बच्चे के पैरों के निशान मिले हैं। जिसे देखकर ग्रामीण इसे देवी मां के पैरों के निशान मनाते हुए शुभ संकेत मान रहे हैं।
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बताया जा रहा है कि भूपदेवपुर रोड में स्थित पंडरीपानी गांव के ग्रामीणों ने बताया कि नवरात्रि के शुरू होते ही यहां स्थित सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में पूरे विधि विधान से माता 9 रूपों की पूजा अर्चना की गई थी।
गांव के श्रद्धालु भी यहां हर दिन पहुंच रहे थे। जहां गुरूवार को मंदिर में हवन के बाद शाम 7 बजे मंदिर की साफ-सफाई करने के बाद सभी अपने-अपने घर चले गए। रात तकरीबन 9 बजे मंदिर की देखरेख करने वाले घनश्याम चौहान, गणेश राम चौहान मंदिर पहुंचे।
तब उन्होंने देखा कि मंदिर के बगल स्थित हनुमान जी का चबुतरा जो कि तुलसी चौरा के आकार में बना हुआ है। वहां नवजात बच्चे के पैरों के निशान हैं।
साथ ही मंदिर 2-3 जगह यही निशान और मिले। ऐसे में धीरे-धीरे यह बात गांव के अन्य ग्रामीणों को होने लगी। इससे लोगों की काफी भीड़ इक्ट्ठा हो गई।

सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में कई जगह पैरों के निशान देखे गए
ग्रामीण शुभ संकेत मान रहे ऐसे में ग्रामीण इसे शुभ संकेत और इसे देवी मां के पैरों के निशान मानकर पूजा-पाठ भी कर रहे हैं। गांव के ग्रामीणों का यह भी कहना है कि अगर कोई बच्चा जाता तो अन्य जगह भी यह निशान मिलते। इससे गांव के ग्रामीण इसे चमत्कारिक घटना मानकर अपनी आस्था दिखा रहे हैं।

जानकारी लगने के बाद आसपास गांव से श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं
ग्रामीण पूजापाठ के लिए पहुंच रहे गांव के सरपंच प्रतिनिधि त्रिलोचन साहू ने बताया कि गुरूवार की रात को साफ-सफाई के बाद पैरो के निशान कई जगह देखे गए। इसके बाद से आसपास के गांव के लोग भी मंदिर पहुंच रहे हैं और इस पर अपनी आस्था जताते हुए पूजापाठ कर रहे हैं।
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