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राम प्रसाद पोटाई कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र सिंगारभाट के चतुर्थ वर्ष के छात्रों ने ग्राम पंचायत व्यासकोंगेरा में रावे कार्यक्रम के तहत किसानों को जड़ उपचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फंगीसायड रूट ट्रीटमेंट एक सरल और असरदार तरीका है, जो पौधों को शुरुआत से ही रोगों से बचाता है। इससे पौधे अच्छी वृद्धि करते हैं और उत्पादन भी बढ़ता है। इसलिए रोपाई से पहले जड़ उपचार करना बहुत जरूरी हैं। पौधों की जड़ों को फफूंदनाशी दवा से उपचारित करना है।
यह प्रक्रिया पौधों को मिट्टी में होने वाले फफूंद रोगों से बचाती है। जड़ उपचार करने से पौधे का विकास अच्छा होता है और वह जल्दी स्वस्थ हो जाता है। उपचार के लिए कार्बेन्डाजिम 50 प्रतिशत को दो ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से फंगीसायड घोल तैयार किए और पौधे की जड़ों को 10–15 मिनट तक घोल में डुबोकर रखा गया था। इसमें बैंगन, टमाटर और फूल गोभी की जड़ों को उपचारित करके दिखाया। इससे जड़ सड़न और फफूंदी का खतरा कम हो जाता हैं। पौधे मजबूत और स्वस्थ होते हैं और फसल में उत्पादन बढ़ता है। पौधों को उचित दूरी में लगाने की भी बताया, क्योंकि सही पौध अंतराल में लगाने से उत्पादन क्षमता में वृद्धि होती हैं। प्रदर्शन व्यासकोंगेरा के किसान सुक्कु राम कुंजाम के यहां किया गया। इस दौरान किसान अरविंद जर्री, महेश्वरी कुंजाम, भुनेश्वर चंद्रा, भरत लाल साहू और भुनेश्वर नागेश आदि उपस्थित थे।
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