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मगरलोड कृषि विभाग द्वारा ग्राम भेंड़री पंचायत में एकदिवसीय फसल चक्र हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें ग्राम सेवक विजय कांत साहू ने फसल चक्र के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक ही फसल बार-बार लेने से मिट्टी की उर्वरक शक्ति कमजोर होती है, इसलिए हमेशा फसल बदल-बदल कर बुआई करना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने दलहन और तिलहन किसानों से अपील की कि वे मक्का, चना, गेहूं, सरसों, मूंग, फल्ली जैसी फसलों को अपनाएं। साथ ही, चना और गेहूं बेचने के लिए किसानों से पंजीयन निशुल्क कराने की बात भी कही।
मगरलोड विकासखण्ड के कृषि अधिकारी केएस. नरेठी ने कहा कि यदि किसान धान की फसल दो बार लेते हैं और अधिक मात्रा में कीटनाशक दवाइयों का प्रयोग करते हैं, तो इससे मिट्टी की उर्वरक शक्ति खत्म हो रही है, जिससे फसल के उत्पादन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। लखपति दीदियों को मिट्टी उर्वरक शक्ति बढ़ाने और कीटनाशक दवाइयां प्रदान की गईं। कार्यक्रम में ग्राम सरपंच राजेश्वरी पटेल, जनपद सदस्य विनीता साहू, उपसरपंच राधे पटेल, नंदू सेन, पप्पू सिन्हा, डोमार सिन्हा, भगवान दास साहू, सचिव छबि विनायक, यादराम साहू, मनोज साहू और लखपति दीदियां उपस्थित थीं।
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