सरपंचो ने अपने आवेदन में बताया कि कंपनी प्रभावित ग्राम पंचायतो में सीएसआर के तहत भी काम नहीं हो रहे
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला के खरसिया ब्लाॅक के कई गांव में विकास काम ठप है। यहां एक साल से ग्राम पंचायतो में मूलभूत राशि नहीं मिल पाने से गांव के कई काम नहीं हो रहे हैं। जिससे क्षेत्र के कई गांव के सरपंचो ने कलेक्टर को आवेदन सौंपा कर समस्या का निराकरण कर
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कलेक्टर के नाम सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि क्षेत्र में फैक्ट्री से प्रभावित गांव में CSR के तहत कोई विकास कार्य नहीं हो रहे हैं।
खरसिया ब्लाॅक के किरितमाल, रजघटा, भेलवाडीह, जबलपुर, मौहापाली, डोमनारा, भूपदेवपुर, दर्री, मुरा, बिंजकोट समेत लगभग 40 गांव में करीब एक साल से कोई भी राशि प्रदान नहीं किया जा रहा है, अभी तक इन पंचायतों में मूलभूत राशि, 15 वे वित्त की राशि को प्रदान नहीं किया गया है।
इससे भूमि समतलीकरण, बाड़ी- विकास, मनरेगा, नरेगा जैसे प्रमुख कार्य ठप पड़े हुए हैं। गांव के कोई भी मूलभूत काम नहीं हो रहा है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ग्राम पंचायतो के लिए मुलभूत राशि दिलाने की मांग की है। ताकि ग्राम पंचायतों के मुलभूत सुविधाओं का काम पूरा हो सके।

सरपंचो के साथ कई गांव के ग्रामीण भी काफी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे
कंपनी प्रबंधक झूठा आश्वसन दे रहे ग्रामीणों ने बताया अपने ज्ञापन में बताया कि कई पंचायतो में मुक्तिधाम, रोड, समुदायिक-भवन नहीं हैं। ग्रामीण इस तरह की मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित हैं।
सभी ग्राम पंचायत कंपनी प्रभावित क्षेत्र में आते हैं और कंपनी प्रभावित पंचायतों में सीएसआर मद से भी किसी प्रकार के कार्य नहीं किया करा रहे हैं। जब कंपनी प्रबंधको से कहा जाता है तो सिर्फ झूठा आश्वसन दे दिया जाता है।
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