बलरामपुर में सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) दीपक कुमार झा ने “साइबर सुरक्षा संवाद कार्यक्रम” का शुभारंभ किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, खासकर छात्रों और ग्रामीणों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर उन्हें ऑनलाइन ठगी से बचाना है।
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कार्यक्रम के दौरान साइबर ठगी के शिकार हुए पीड़ितों ने अपने अनुभव साझा किए। कई लोगों ने अपनी सूझबूझ और सतर्कता से समय पर ठगी की रिपोर्ट कर न केवल अपनी गंवाई हुई राशि वापस पाई, बल्कि दूसरों को भी सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया।
आईजी दीपक झा ने कहा कि साइबर अपराध आधुनिक युग की एक गंभीर चुनौती बन चुके हैं। इनसे बचने का सबसे प्रभावी तरीका सतर्कता है। उन्होंने लोगों को किसी भी अनजान कॉल, लिंक, ओटीपी या ऐप (APK फाइल) को साझा न करने की सलाह दी।

पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की अपील
आईजी ने बताया कि ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। वहीं, कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने कहा कि साइबर ठगी से बचाव के लिए जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है।
संदिग्ध लिंक से बचाव की भी सलाह दी
उन्होंने युवाओं से मिली जानकारी को अपने गांव, परिवार और मित्रों तक पहुंचाने का आग्रह किया। कलेक्टर ने मजबूत पासवर्ड के उपयोग और संदिग्ध लिंक से बचाव की भी सलाह दी। एसपी वैभव बेंकर ने बताया कि आजकल साइबर ठग फर्जी नौकरी, इनाम, वीडियो कॉल और नकली लिंक के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बलरामपुर पुलिस लगातार जनजागरूकता अभियान चला रही है और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता सामग्री साझा कर रही है। एसपी ने “स्टॉप-थिंक-टेक एक्शन” का मंत्र अपनाने की अपील की।

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