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रामानुजगंज में आंवला नवमी का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। 30 अक्टूबर को नगर के वार्ड क्रमांक 9 स्थित मां महामाया मंदिर और पहाड़ी पर स्थित मंदिर वाले वृक्ष के नीचे सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी
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भक्तों ने परंपरागत रूप से आंवला वृक्ष की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। कई श्रद्धालुओं ने वृक्ष के नीचे कई प्रकार के पकवान बनाकर मां महामाया को भोग लगाया। इनमें पूरी-सब्जी, खीर-पूड़ी और हलवा जैसे पारंपरिक व्यंजन शामिल थे।
मंदिर परिसर भक्ति गीतों और देवी भजनों से गूंजता रहा। महिलाएं समूह बनाकर आंवला नवमी की कथा सुनती दिखीं और एक-दूसरे को आंवला का प्रसाद वितरित किया।
कार्तिक शुक्ल नवमी को मनाते है आंवला नवमी
मां महामाया मंदिर के पुजारी पंडित जितेंद्र पांडे ने इस अवसर पर बताया कि कार्तिक शुक्ल नवमी को आंवला नवमी मनाई जाती है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन आंवला वृक्ष की पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है और जीवन में सुख, समृद्धि तथा उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त होता है।
उन्होंने यह भी बताया कि आंवला भगवान विष्णु का प्रिय फल है, इसलिए इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और आंवला वृक्ष की आराधना की जाती है।
मंदिर परिसर में साफ-सफाई अभियान
पर्व के दौरान नगरवासियों ने मंदिर परिसर में साफ-सफाई अभियान चलाया। भक्तों के लिए जलपान और प्रसाद की भी व्यवस्था की गई, जिसमें बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण रहा।
इस प्रकार, रामानुजगंज में आंवला नवमी का पर्व पारंपरिक उल्लास और धार्मिक आस्था के साथ संपन्न हो रहा हक़, जिसमें नगरवासियों ने एकजुट होकर अपनी संस्कृति और परंपरा का सम्मान किया।
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