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Home » Chhattisgarh Weather Update| Nights Colder, Higher Risk of Malaria Spread | प्रदेश में रातें होंगी ठंडी, दिन में बढ़ेगा तापमान: ऐसे मौसम में मलेरिया फैलने का खतरा ज्यादा; लोगों को सतर्क रहने की सलाह – Chhattisgarh News
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Chhattisgarh Weather Update| Nights Colder, Higher Risk of Malaria Spread | प्रदेश में रातें होंगी ठंडी, दिन में बढ़ेगा तापमान: ऐसे मौसम में मलेरिया फैलने का खतरा ज्यादा; लोगों को सतर्क रहने की सलाह – Chhattisgarh News

By adminNovember 5, 2025No Comments5 Mins Read
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राजनांदगांव में सुबह से मौसम साफ है, धूप निकली हुई है।

छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान रात का तापमान लगभग वही रहेगा जो अभी है। इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। यानी अगले हफ्ते से ठंड और बढ़ेगी।

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दरअसल, उत्तर दिशा से ठंडी हवाएं आने से तापमान में गिरावट की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा आने वाले दो दिनों के बाद जिस तरह का मौसम बनेगा, उसमें तेजी से मलेरिया फैलने का संकट भी छत्तीसगढ़ में दिख रहा। ये खतरा 7 नवंबर से 11 नवंबर तक बना रहेगा।

वहीं पिछले प्रदेश में पिछले 24 घंटे में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 32.0°C जगदलपुर में तथा सबसे कम न्यूनतम तापमान 12.4°C अंबिकापुर में दर्ज किया गया।

कहां कैसा रहेगा मौसम

  • उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़: मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। सुबह-शाम ठंड का असर महसूस होगा, दिन में धूप निकलेगी।
  • दक्षिणी छत्तीसगढ़ (बस्तर संभाग):अगले 3 दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा। इसके बाद भी बारिश की संभावना नहीं है और सूखा मौसम जारी रहेगा। धीरे-धीरे रातें और ठंडी होंगी।

किसानों और शहरों के लिए संकेत

  • रबी फसलों के लिए मौसम अनुकूल
  • सुबह हल्की धुंध और कोहरा रह सकता है
  • सुबह-शाम गर्म कपड़े जरूरी
  • रात के समय तापमान में गिरावट से ठंड बढ़ेगी

बारिश की संभावना कम, टेम्प्रेचर अप-डाउन होगा

बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अभी भी सक्रिय है। यह सिस्टम उत्तर-पूर्वी और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और म्यांमार-बांग्लादेश तट के पास बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम अगले 24 घंटों में उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए तटीय क्षेत्रों के समानांतर आगे बढ़ेगा।

इसके प्रभाव का मामूली असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी रहेगा। राज्य में दिन में हल्के बादल रह सकते हैं। हालांकि बारिश की संभावना बहुत कम है। हवा में नमी बनी रहने और रात के तापमान में गिरावट के कारण सुबह-शाम ठंड का एहसास बढ़ेगा।

ऐसा रह सकता है मौसम

  • दिन में हल्के बादल
  • रात में तापमान 1–2 डिग्री तक गिर सकता है
  • सुबह-शाम ठंडक बढ़ेगी
  • हवा में हल्की नमी सिस्टम मजबूत नहीं है इसलिए छत्तीसगढ़ में बारिश जैसी खास गतिविधि नहीं दिखाई देगी। हालांकि रातें इस सप्ताह और ठंडी हो सकती हैं।

बार-बार हाेने वाले मलेरिया का संकट ज्यादा

मौसम विभाग की हेल्थ एडवाइजरी के अनुसार 7 नवंबर से 13 नवंबर 2025 के बीच भारत में मलेरिया फैलने की संभावित स्थिति को दिखाता है। इसे मौसम के आधार पर तैयार किया गया है, क्योंकि मलेरिया के मच्छर तापमान के हिसाब से फैलते हैं।

मलेरिया फैलने का आधार

  • तापमान 33-39°C (दिन में)
  • तापमान 14-19°C (रात में)

ऐसा तापमान मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल होता है। छत्तीसगढ़ में तापमान अभी इसी तरह का हो रखा है। यानी छत्तीसगढ़ में मलेरिया फैलने की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। अगले आठ दिनों में मलेरिया संक्रमण का खतरा बढ़ा हुआ माना जा रहा है, खासकर ग्रामीण/जंगल क्षेत्रों में।

दो तरह के मलेरिया का खतरा

  • प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (गंभीर प्रकार का मलेरिया)
  • प्लास्मोडियम विवैक्स (सामान्य लेकिन बार-बार लौटने वाला मलेरिया) छत्तीसगढ़ में 11 नवंबर तक प्लास्मोडियम विवैक्स के बढ़ने का ही खतरा ज्यादा है। ऐसे में अपने आस-पास के इलाके में पानी जमा न होने दें। मच्छरदानी का उपयोग करें। फुल स्लीव के कपड़े पहनें। बुखार और सिरदर्द हो तो तुरंत जांच कराएं।

इन राज्यों में भी जोखिम

  • पूर्वोत्तर के ज्यादातर राज्य (असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम आदि)
  • गुजरात, बिहार, झारखंड, ओडिशा, नागालैंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक
  • उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, और छत्तीसगढ़ के कुछ जिले
छत्तीसगढ़ में चक्रवात मोथा के कारण जमकर बारिश हो रही है। कवर्धा में किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं हैं।

छत्तीसगढ़ में चक्रवात मोथा के कारण जमकर बारिश हो रही है। कवर्धा में किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं हैं।

कवर्धा में धान की फसल को नुकसान

इससे पहले प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में चक्रवात मोन्था के कारण रायपुर, कवर्धा, बिलासपुर, रायगढ़ और सरगुजा समेत कई जिलों में बारिश हुई। शुक्रवार को कवर्धा में पानी बरसा, जिससे खेतों में पहले से कटी हुई फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई। नुकसान देखकर किसान खेत में ही टूट गया और गिर पड़ा।

वहीं बस्तर में भी कहीं खड़ी फसल झुक गई तो कहीं कट चुके धान की बोरियां और ढेर खेतों में भीग कर सड़ने लगे हैं।

कोंडागांव जिले के ग्राम आदनार में बारिश से पुल टूटने से आने-जाने में ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।

कोंडागांव जिले के ग्राम आदनार में बारिश से पुल टूटने से आने-जाने में ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।

कोंडागांव में पुलिया धंस गई

कोंडागांव जिले के ग्राम आदनार में बारिश से ‘बड़को नाला पुलिया’ धंस गई। इससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। यह पुलिया लिंगोंपथ-मर्दापाल-भाटपाल-नारायणपुर मार्ग को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क पर स्थित है। यह सड़क प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनाई गई थी।

लगातार बारिश के कारण पुलिया का एक हिस्सा धंस गया और पानी का दबाव बढ़ने से उसका बाकी का हिस्सा भी टूट गया। गनीमत रही कि उस समय कोई वाहन पुल पार नहीं कर रहा था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

अक्टूबर में अब तक 59 फीसदी ज्यादा बारिश

छत्तीसगढ़ से मानसून 15 अक्टूबर तक लौट गया। मानसून सीजन 30 सितंबर को ही खत्म माना जाता है। इसलिए अक्टूबर में होने वाली बारिश को मौसम विभाग सालाना वर्षा के रूप में रिकॉर्ड करता है। इस साल अब तक 1 से 26 अक्टूबर तक 89.4 मिमी पानी गिर चुका है। ये औसत से 59 फीसदी ज्यादा है।

……………………………..

मौसम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

बारिश से कटी फसल बर्बाद देख गिर पड़ा किसान: कवर्धा में खेतों में भरा पानी, मोन्था कमजोर पड़ने से आज से मौसम सामान्य होगा;तापमान चढ़ेगा

चक्रवात मोन्था के कारण रायपुर, कवर्धा, बिलासपुर में बारिश हुई थी।

चक्रवात मोन्था के कारण रायपुर, कवर्धा, बिलासपुर में बारिश हुई थी।

छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों में चक्रवात मोन्था के कारण रायपुर, कवर्धा, बिलासपुर, रायगढ़ और सरगुजा समेत कई जिलों में बारिश हुई। शुक्रवार को कवर्धा में पानी बरसा, जिससे खेतों में पहले से कटी हुई फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। नुकसान देखकर किसान खेत में ही टूट गया और गिर पड़ा। पढ़ें पूरी खबर



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