छत्तीसगढ़ में शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ के चुनाव को लेकर घमासान मचा हुआ है। प्रदेश के व्यायाम शिक्षकों के इस संगठन में अब दो गुट आमने-सामने हैं। विवाद उस वक्त बढ़ गया जब दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने फर्म एवं सोसाइटी को पत्र लिखकर चुनाव पर रोक लगान
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सांसद का कहना है कि वे इस संघ के संरक्षक हैं और बिलासपुर में 16 अक्टूबर को होने वाले चुनाव छत्तीसगढ़ सोसाइटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1973 की धारा 27 का उल्लंघन है। इसलिए इस चुनाव को तत्काल रोका जाना चाहिए।

दुर्ग सांसद विजय बघेल ने चुनाव को स्थगित करने लिखा था पत्र।
संघ के दोनों संरक्षक ने चुनाव रोकने लिखा पत्र
छत्तीसगढ़ शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ की स्थापना 2021 में की गई थी। बताया जा रहा है कि उस वक्त ही इस संघ के संरक्षक सांसद विजय बघेल और क्रीड़ा अधिकारी डॉ. प्रकाश सिंह ठाकुर को बनाया गया। लेकिन अब संघ में विवाद की स्थिति में दोनों ही संरक्षकों ने बिलासपुर में होने वाले इस चुनाव पर रोक लगाने पत्र लिखा है।
सांसद बघेल ने यह पत्र 7 सितंबर को इंद्रावती भवन स्थित फर्म्स एवं सोसाइटी कार्यालय को भेजा था। इसके बावजूद चुनाव 16 अक्टूबर को बिलासपुर में संपन्न कराए गए।

संघ के संरक्षक डॉ. प्रकाश ठाकुर ने भी चुनाव स्थगित करने भेजा था पत्र।
सामान्य सभा में नहीं हुआ प्रस्ताव पारित
संघ के दूसरे संरक्षक डॉ. प्रकाश सिंह ठाकुर ने भी चुनाव पर आपत्ति जताई है। उन्होंने निर्वाचन अधिकारी और कार्यवाहक समिति को पत्र भेजकर कहा है कि संघ का कार्यकाल समाप्त होने के बाद विधिवत कार्यवाहक समिति का गठन नहीं हुआ है। संरक्षक और आजीवन सदस्यों को बिना सूचना और सहमति के चुनाव कराना विधि विरुद्ध है।
डॉ. ठाकुर ने कहा कि पहले संघ की सामान्य सभा में प्रस्ताव पारित कर रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसाइटी को सूचना दी जानी चाहिए थी, तभी चुनाव प्रक्रिया तय हो सकती थी। ऐसी स्थिति में तत्काल चुनाव को रोका जाए। लेकिन इसके बाद भी बिलासपुर में चुनाव संपन्न हुए।
जानकारी और लेखा-जोखा छिपाने का आरोप
दुर्ग जिले के कई व्यायाम शिक्षकों ने पुराने पदाधिकारियों पर फाउंडर मेंबरों से चुनाव की जानकारी छिपाने, चुनाव मनमाने तरीके से कराने और लेखा-जोखा का ब्यौरा के पर हस्ताक्षर न करवाने का आरोप लगाया है। दुर्ग जिले के व्यायाम शिक्ष और संघ के फाउंडर मेंबरों ने बताया कि जब से संगठन का गठन हुआ तब से संघ के संरक्षक सांसद विजय बघेल, डॉ. प्रकाश ठाकुर समेत कभी पूरे फाउंडर मेंबर की एक साथ बैठक आयोजित नहीं की गई।
आज तक कहीं भी हमारा हस्ताक्षर नहीं
संगठन के पूर्व सह सचिव पवन यादव ने कहा कि संगठन की ओर से न तो कोई बैठक बुलाई गई और न ही आय-व्यय का ब्यौरा साझा किया गया। किसी भी दस्तावेजों में आज तक हमसे हस्ताक्षर तक नहीं लिए गए। न ही वार्षिक आम सभा की बैठक आयोजित की गई है।
वर्तमान अध्यक्ष की मनमानी ने लोकतांत्रिक मूल्यों को चोट पहुंचाने का काम किया है। पंजीयक कार्यालय को नियमों के तहत वार्षिक लेखा देना है, लेकिन फाउंडर मेंबर के हस्ताक्षर नहीं है। किसी भी पंजी में हमारे द्वारा कभी न कोई हस्ताक्षर लिया गया और न ही कोई बैठक ली गई है।
17 व्यायाम शिक्षकों की समिति बनाई गई, यह नियमों के विरुद्ध
पूर्व उपाध्यक्ष जयंत वर्मा ने भी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव पूरी तरह फर्म एंड सोसाइटी के नियमों के विरुद्ध कराया गया है। संघ के व्यायाम शिक्षकों को निर्वाचन अधिकारी बनाया गया। फाउंडर मेंबरों को बैठक में नहीं बुलाया गया। 17 व्यायाम शिक्षकों की समिति गठित की गई है, जिसमें कोई भी फाउंडर मेंबर नहीं है।
चुनाव में मनमानी की गई है। फॉर्म्स एवं सोसाइटी द्वारा अध्यक्ष उपाध्यक्ष सचिव सहसचिव कोषाध्यक्ष पांच पद बनाए गए है। प्रदेश कार्यकारिणी का कोई पद ही नहीं होता है। जो अध्यक्ष बनता है वह चुनता है। नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।

बिलासपुर में चुनाव के दौरान मनाया गया जश्न।
पूर्व अध्यक्ष ने कहा- हम नियमों के तहत ही कर रहे चुनाव
संगठन के पूर्व अध्यक्ष हरीश देवांगन का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत की जा रही है। बिलासपुर में बैठक 14 सितंबर को हुई थी। इस बैठक में 31 में से 22 पदाधिकारी उपस्थित थे। फाउंडर मेंबर सात हैं, जिनमें से चार मौजूद थे।
हरीश देवांगन ने कहा कि विवाद की स्थिति में अध्यक्ष को वीटो पावर है, जिसके तहत बैठक बुलाकर आगे की प्रक्रिया की गई। उन्होंने बताया कि चुनाव पुराने पंजीयन क्रमांक के आधार पर आयोजित की गई और इसमें प्रदेश के 31 पदाधिकारी वोटिंग करेंगे। हमने इसकी जानकारी पंजीयक कार्यालय को भी दे दी थी।

बिलासपुर संभाग के रितेश सिंह बने नए प्रदेश अध्यक्ष।

चुनाव के बाद निर्वाचित पदाधिकारियों की जारी हुई सूची।
चुनाव के बाद बिलासपुर संभाग के रितेश सिंह बने अध्यक्ष
छत्तीसगढ़ शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ के नई कार्यकारिणी के चुनाव के बाद बिलासपुर संभाग के रितेश सिंह अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। उनके अलावा बस्तर संभाग के प्रभाकर सिंह उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। दुर्ग संभाग के मृत्युंजय शर्मा सचिव पद पर विजेता बने। बिलासपुर संभाग के ही सनत कालेलकर कोषाध्यक्ष पद पर विजयी हुए। इसके अलावा अन्य पदों पर भी चुनाव हुए और पदाधिकारी निर्वाचित हुए।
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