कोरबा जिले के लेमरू क्षेत्र में प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला ने जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाते समय 108 एम्बुलेंस में बच्चे को जन्म दिया। ईएमटी (आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन) और परिजनों की मदद से हुए इस प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।
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जानकारी के अनुसार, लेमरू निवासी राजेंद्र कुमार की 30 वर्षीय पत्नी नईहारो बाई को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और नईहारो बाई को लेकर जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए रवाना हुई।
रास्ते में गढ़कटरा मेन रोड पर नईहारो बाई का दर्द अचानक बढ़ गया। एम्बुलेंस में मौजूद ईएमटी रामेश्वरी कंवर और ड्राइवर कोमल ने वाहन को किनारे रोका। उन्होंने परिजनों के सहयोग से एम्बुलेंस के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराया।

स्वस्थ लड़के को दिया जन्म
नईहारो बाई ने एक स्वस्थ लड़के को जन्म दिया। सफल प्रसव के बाद मां और नवजात को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। परिजनों ने बताया कि यह उनका तीसरा बच्चा है। इससे पहले उनके एक लड़का और एक लड़की हैं।
मेडिकल कॉलेज तक ले जाना हो रहा था मुश्किल
परिजनों ने इस आपातकालीन स्थिति में मदद करने के लिए ईएमटी रामेश्वरी कंवर और चालक कोमल का आभार व्यक्त किया। ईएमटी रामेश्वरी कंवर ने बताया कि प्रसूता की हालत ऐसी थी कि उसे जिला मेडिकल कॉलेज तक ले जाना मुश्किल हो रहा था। परिजनों की सहमति से रास्ते में ही प्रसव कराने का निर्णय लिया गया।
बता दें कि यह कोई पहली घटना नहीं है, जब एम्बुलेंस में प्रसव कराया गया हो। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। 108 वाहनों में ईएमटी की मौजूदगी से प्रसूताओं को काफी राहत मिलती है, क्योंकि आपात स्थिति में वे अस्पताल पहुंचने से पहले ही सुरक्षित प्रसव कराने में सक्षम होते हैं।
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