छत्तीसगढ़ के कवर्धा में एक शख्स पिछले तीन साल से अपनी कैंसर पीड़ित पत्नी का इलाज कराने संघर्ष कर रहे हैं। एम्बुलेंस या चारपहिया वाहन के पैसे न होने के कारण वह पत्नी को बाइक पर पटिया लगाकर लिटाते और अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। मामला बोड़ला ब्लॉक क
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जानकारी के मुताबिक, समलू सिंह मरकाम (65) पिछले तीन साल से थायराइड कैंसर से पीड़ित पत्नी कपूरा मरकाम का इलाज कराने के लिए तीन सालों में हजारों किलोमीटर घूम चुके हैं। उन्होंने इलाज के लिए खेत और पशु तक बेच दिए। अब समलू शासन-प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि इलाज लायक पैसे दे दें।
समलू सिंह अब तक दुर्ग, रायपुर और मुंबई तक इलाज के लिए जा चुके हैं। उन्होंने घर के जेवर, बर्तन और अनाज तक बेच दिए, रिश्तेदारों से उधार लेकर करीब 5–6 लाख रुपए खर्च कर दिए, लेकिन पत्नी का पूरा इलाज नहीं हो सका।


पत्नी के इलाज के लिए तीन साल से भटकर हा
दरअसल, समलू सिंह मरकाम पेशे से किसान है। पत्नी थायराइड कैंसर से जूझ रही है। इलाज के लिए पिछले तीन सालों से गांव-गांव और अस्पताल-अस्पताल लेकर भटक रहे हैं। आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने पत्नी को बाइक पर लकड़ी की पटिया बांधकर लिटाने की व्यवस्था की है।
इलाज के लिए खेत और पशु तक बेचे
पत्नी की हालत इतनी बिगड़ चुकी है कि अब वह चल-फिर नहीं सकतीं। पहले रायपुर में उनका ऑपरेशन हुआ था, लेकिन बीमारी दोबारा फैल गई। नसों पर असर होने से पैरों ने जवाब दे दिया है। समलू बताते हैं कि इलाज में पूरी जमा पूंजी, खेत और पशु तक बिक गए, फिर भी खर्च पूरे नहीं हुए। अब न पैसे बचे हैं, न साधन।
पटिया पर लिटाकर वैकल्पिक इलाज के लिए ले जाता
कुछ दिन पहले समलू ने पत्नी को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने घर ले जाने की सलाह दे दी। इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और अब पत्नी को पटिया पर लिटाकर किसी न किसी अस्पताल या वैकल्पिक उपचार केंद्र तक ले जाते हैं।
मुंबई-गोंदिया तक जा चुके हैं
समलू का कहना है कि वे रायपुर, मुंबई, गोंदिया और बैतूल तक इलाज के लिए भटक चुके हैं। गांव वालों ने मदद की, लेकिन अब पैसे खत्म हो गए हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन और समाज से मदद की अपील की है ताकि पत्नी को बड़े अस्पताल में भर्ती कराया जा सके।
गृह मंत्री विजय शर्मा से मिली मदद
आर्थिक हालात बिगड़ने पर समलू ने पिछले साल गृह मंत्री विजय शर्मा से मदद मांगी थी। उन्होंने 10 हजार रुपए की सहायता दी थी, जिससे तत्काल इलाज शुरू हुआ। अब फिर स्थिति गंभीर है और इलाज का खर्च लाखों में पहुंच गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की मदद की अपील
वहीं, ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से अपील की है कि समलू और उसकी पत्नी को तत्काल आर्थिक और चिकित्सकीय सहायता दी जाए। उनका कहना है कि यह दृश्य किसी को भी भावुक कर देने वाला है। एक पति अपनी बीमार पत्नी को बाइक पर लकड़ी की पटिया में लिटाकर अस्पताल ले जा रहा है, क्योंकि उसके पास और कोई विकल्प नहीं बचा।
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