राजनांदगांव में दीपावली के बाद अब भगवान सूर्यदेव और छठी मैया की आराधना का महापर्व छठ व्यापक तैयारियों के साथ शुरू हो रहा है। 4 दिन तक चलने वाले इस पर्व की शुरुआत 25 अक्टूबर से होगी और लोगों में इसे लेकर काफी उत्साह है। पर्व के लिए तालाबों के घाटों की
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छठ पर्व का आगाज 25 अक्टूबर को ‘नहाय-खाय’ के साथ होगा। इस दिन व्रती नियमपूर्वक सात्विक भोजन बनाकर प्रसाद के रूप में ग्रहण करेंगे। छठी मैया का ध्यान कर छठ पूजा का संकल्प इसी दिन लेने का विधान है। इस अवसर पर छठी मैया और आदित्य देव के लिए गीत गाकर उनका आह्वान करने की भी परंपरा है।

27 अक्टूबर को ‘संध्याकालीन अर्घ्य’ दिया जाएगा।
खरना के दिन बनेगा खीर का प्रसाद
पर्व का दूसरा दिन 26 अक्टूबर को ‘खरना’ होगा। इस दिन व्रती महिलाएं छठी मैया को खीर का प्रसाद बनाकर भोग लगाती हैं। मान्यता है कि खरना का प्रसाद ग्रहण करने से जीवन के सभी दुख दूर होते हैं और छठी मैया मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।
27 अक्टूबर को ‘संध्याकालीन अर्घ्य’ दिया जाएगा। इस दिन व्रती महिलाएं सपरिवार तालाबों और नदी घाटों पर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर डूबते सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करेंगी। इस दौरान सुख-समृद्धि और संतान के उज्ज्वल भविष्य की कामना की जाएगी।
छठ महापर्व का समापन 28 अक्टूबर को ‘प्रातःकालीन अर्घ्य’ के साथ होगा। इस दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पूजा-अर्चना कर लोगों में प्रसाद का वितरण किया जाएगा।

घाटों में साफ सफाई की जा रही है।
घाट पर विशेष व्यवस्थाएं हो रही
इस महापर्व के लिए शहर में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। छठी पूजा सामग्रियों की खरीदारी के साथ ही पर्व संबंधी अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीदी में भी लोग जुटे हुए हैं।
शहर के श्रीगणेश मंदिर मोती तालाब परिसर, शंकरपुर स्थित तालाब और शांति नगर मोहरा नदी घाट पर विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। गणेश मंदिर से जुड़े अशोक चौधरी ने बताया कि बाहर व दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में रुकने की व्यवस्था पूर्व की तरह की गई है।

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