Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » Chhath Cherchera festival in Chhattisgarh, children and youth go out to seek donations | छत्तीसगढ़ में छेरछेरा पर्व, बच्चे-युवा दान मांगने निकले: कोरबा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दिखा उत्साह, घरों से मिला चावल-नगदी – Korba News
Breaking News

Chhath Cherchera festival in Chhattisgarh, children and youth go out to seek donations | छत्तीसगढ़ में छेरछेरा पर्व, बच्चे-युवा दान मांगने निकले: कोरबा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दिखा उत्साह, घरों से मिला चावल-नगदी – Korba News

By adminJanuary 3, 2026No Comments2 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
1de46c72 4767 428a b8b9 29a446ef803d 1767423253948
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email


कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़ में लोक पर्व छेरछेरा धूमधाम से मनाया गया। पौष माह की पूर्णिमा पर मनाए जाने वाले इस त्योहार पर बच्चे और युवा सुबह से ही घरों-घरों में दान मांगने निकले। लोगों ने उन्हें खुशी-खुशी चावल और नगदी दान की।

.

कोरबा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही बच्चे और युवा टोलियों में ‘छेरछेरा, माई कोठी के धान हेर हेरा’ कहते हुए घरों के दरवाजे पर पहुंचे। लोगों ने उन्हें प्रसन्नतापूर्वक धान, चावल, दाल या नगदी देकर इस परंपरा का निर्वहन किया।

screenshot 2026 01 03 130909 1767426110

धान की फसल के घर आने पर मनाया जाता है त्योहार

छेरछेरा छत्तीसगढ़ का एक महत्वपूर्ण पारंपरिक त्योहार है, जो धान की फसल के घर आने के बाद मनाया जाता है। यह पर्व किसानों की खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक है, जब उनकी मेहनत का फल धान के रूप में घर पहुंचता है।

सीतामणी निवासी जयनारायण राठौर ने बताया कि छेरछेरा पर्व छत्तीसगढ़ की लोक आस्था और खुशहाली का प्रतीक है। यह त्योहार धान की फसल के घर आने पर मनाया जाता है, जिसमें बच्चे और युवा घर-घर जाकर चावल या नगदी एकत्र करते हैं।

screenshot 2026 01 03 130935 1767426123

पौष माह की पूर्णिमा के दिन मनाते है छेरछेरा

वार्ड नंबर 26 के पार्षद गोपाल कुर्रे ने इस पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छेरछेरा छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है। यह पर्व लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने और समाज में एकता का संदेश देता है, साथ ही बच्चों को अपनी संस्कृति समझने का अवसर भी प्रदान करता है।

दादर खुर्द निवासी कृष्ण कुमार द्विवेदी ने बताया कि छेरछेरा पर्व पौष माह की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है, जो आमतौर पर जनवरी के महीने में आता है। यह छत्तीसगढ़ की एक महत्वपूर्ण लोक परंपरा है।



<



Advertisement Carousel

theblazeenews.com (R.O. No. 13229/12)

×
Popup Image



Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
admin
  • Website

Related Posts

झूठे सेक्सटॉर्शन मामले की साजिश का भंडाफोड़:जनपद सदस्य-सरपंच को फंसाने की थी योजना, पुरानी रंजिश सामने आई

June 28, 2026

Dhamtari Truck Driver Suicide Case: Mercedes Driver Arrested

June 28, 2026

दुर्ग यूनिवर्सिटी में 11 साल बाद शुरू होगी यूटीडी:फिजिक्स-केमिस्ट्री समेत 5 सब्जेक्ट में जुलाई से पढ़ाई, नई बिल्डिंग का लोकार्पण अब भी बाकी

June 28, 2026

Comments are closed.

samvad add RO. Nu. 13843/146
samvad add RO. Nu. 13843/146
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

077085
Views Today : 388
Views Last 7 days : 4436
Views Last 30 days : 12124
Total views : 107329
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.