छत्तीसगढ़ की 240 ई-बसें स्थानीय सड़कों और रूट के अनुसार होंगी मॉडिफाई, सीआईआरटी टीम ने पुणे यूनिट का किया निरीक्षण


छत्तीसगढ़ में आने वाली 240 ई-बसें सीधे कंपनी के स्टैंडर्ड मॉडल के हिसाब से नहीं चलेंगी। इन्हें यहां के शहरों की सड़क, मोड़, रूट और यात्री जरूरत के मुताबिक तैयार किया जाएगा। इसी सिलसिले में केंद्रीय इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट (सीआईआरटी) की टीम के साथ सूडा और नगर निगमों के इंजीनियरों ने पुणे स्थित एका मोबिलिटी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का निरीक्षण किया। टीम ने बसों की बॉडी, आकार और रूट के अनुरूप इनके उपयोग को लेकर कंपनी के तकनीकी अधिकारियों के साथ चर्चा की।
बता दें कि पीएम ई-बस सेवा के तहत छत्तीसगढ़ के चार शहरों के लिए 240 बसें स्वीकृत हैं। इनमें रायपुर को 100, बिलासपुर को 50, दुर्ग-भिलाई को 50 और कोरबा को 40 बसें मिलेंगी। पहले से तय स्वीकृति के अनुसार बिलासपुर में 35 मीडियम और 15 मिनी, जबकि कोरबा में 20 मीडियम और 20 मिनी बसें प्रस्तावित हैं।
सीआईआरटी के निरीक्षण का अहम हिस्सा बस के आकार और सड़क के बीच तालमेल देखना है। एका मोबिलिटी का 7 मीटर मॉडल कंपनी के अनुसार संकरी सड़कों, फीडर रूट और चढ़ाई वाले इलाकों के लिए बनाया गया है, जबकि 9 मीटर मॉडल शहर के सामान्य यात्री रूट के लिए है। इसलिए छत्तीसगढ़ में बसों का कॉन्फिगरेशन रूट की चौड़ाई, मोड़, चढ़ाई, यात्री संख्या और कनेक्टिविटी को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
सरकार ने भी चारों शहरों में रूट को अंतिम रूप देने से पहले यात्री संख्या, संभावित मांग, दूरी और कनेक्टिविटी के आधार पर फेजवार स्टडी के निर्देश दिए हैं। मॉडिफिकेशन में बस को यहां की सड़कों के अनुकूल करने, उसके साइज और रूट-उपयुक्त कॉन्फिगरेशन, मोड़ लेने की क्षमता, सड़क की स्थिति के अनुरूप वाहन सेटअप और चढ़ाई वाले रूट पर प्रदर्शन जैसे तकनीकी पहलुओं को देखा गया। 7 मीटर बस छोटे संकरे रूट पर और 9 मीटर बस चौड़े तथा अधिक यात्री वाले रूट पर चलेगी।
शहर में 50 ई-बसें चलाने का ठेका हैदराबाद की चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड को मिला है। कंपनी बसें उपलब्ध कराने के साथ इनके लिए ड्राइवर भी देगी। बसों के संचालन के बदले बिलासपुर अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट सोसाइटी के माध्यम से कंपनी को 60 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया जाएगा। कंडक्टर सोसाइटी के रहेंगे।
भुगतान किलोमीटर के हिसाब से होने के कारण रोजाना संचालन पर होने वाला खर्च बसों के चलने की दूरी पर निर्भर करेगा। यदि सभी 50 बसें रोजाना औसतन 100-100 किलोमीटर चलती हैं तो एक दिन में कुल 5000 किलोमीटर का संचालन होगा। 60 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से इसका भुगतान 3 लाख रुपए प्रतिदिन बैठेगा। इस हिसाब से 30 दिन में करीब 90 लाख रुपए का भुगतान होगा। यह गणना 50 बसों के रोज 100 किमी चलने की स्थिति में है।
नोडल अधिकारी, ई-बस सेवा अनुपम तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सड़कों के हिसाब से बसों को मॉडिफाई करने कहा है। छत्तीसगढ़ में हैदराबाद की कंपनी बसों का संचालन करेगी। कंपनी को प्रति किमी 60 रुपए का भुगतान किया जाएगा।
बसों की श्रेणी 7 और 9 मीटर की है। निर्माता एका मोबिलिटी, पुणे है। रूट तय करने के आधार सड़क की चौड़ाई, मोड़, यात्री मांग, दूरी और कनेक्टिविटी हैं। बस के आकार का फर्क यह है कि 7 मीटर बस संकरी सड़क, छोटे रूट और फीडर कनेक्टिविटी के लिए है, जबकि 9 मीटर बस अपेक्षाकृत चौड़े शहरी मार्ग और अधिक यात्री क्षमता वाले रूट के लिए है।
चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड 50 ई-बसें और ड्राइवर उपलब्ध कराएगी। बिलासपुर अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट सोसाइटी कंडक्टर और कंपनी को किलोमीटर के आधार पर भुगतान की व्यवस्था करेगी। निगम सोसाइटी के माध्यम से संचालन का भुगतान करेगा।




