नई टीम गठित: हल्बा-हल्बी समाज की आमसभा में पुरानी कार्यकारिणी हुई भंग

भास्कर न्यूज | बालोद अखिल भारतीय हल्बा, हल्बी आदिवासी समाज महासभा बालोद की बैठक चुरगिया मांगलिक भवन में आयोजित हुई। बैठक में राष्ट्रीय महासभा एवं केंद्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों के साथ ग्राम स्तर से लेकर महासभा स्तर तक के वर्तमान एवं पूर्व पदाधिकारी तथा आमंत्रित सदस्य शामिल हुए। बैठक का संचालन टीकम ठाकुर एवं केंद्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष गजेंद्र रावटे ने किया। आमसभा में समाज की वर्तमान स्थिति, संगठनात्मक व्यवस्था और प्रशासनिक मामलों को लेकर चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने संगठन के संचालन को लेकर अपनी बात रखी। चर्चा के बाद पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर अखिल भारतीय हल्बा, हल्बी आदिवासी समाज महासभा बालोद की नई कार्यकारिणी के गठन का निर्णय लिया गया। बैठक में पूर्व पदाधिकारियों पर समाज के बैंक खातों में जमा राशि के कथित रूप से बिना सहमति निजी खातों में स्थानांतरण और खाते बंद किए जाने के आरोपों पर भी चर्चा हुई। आमसभा ने मामले की नियमानुसार कानूनी जांच कराने का निर्णय लिया। बैठक में बताया गया कि वर्ष 1940 से संचालित एवं पंजीकृत हल्बा, हल्बी आदिवासी समाज महासभा बालोद के नाम में वर्ष 2022 के बाद बदलाव किए जाने को लेकर भी समाज के सदस्यों में आपत्ति रही है। न्याय समिति के समक्ष मामला उठाए जाने के बाद भी समाधान नहीं होने का हवाला देते हुए आमसभा में सर्वसम्मति से पुरानी कार्यकारिणी को भंग करने का निर्णय लिया गया। मुरली भुआर्य सचिव, राजाराम तारम सह सचिव बने: आमसभा में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें श्रीमती चिदाकाश आर्य को केंद्रीय अध्यक्ष चुना गया। वहीं मदन बढ़ई एवं अनुसुइया खरे को उपाध्यक्ष, टीकम कुमार ठाकुर को केंद्रीय महामंत्री, मुकेश पौशार्य को कोषाध्यक्ष, मुरली भुआर्य को सचिव और राजाराम तारम को सह सचिव की जिम्मेदारी दी गई। तुकाराम सहारे को न्याय समिति अध्यक्ष बनाया गया। न्याय समिति में कैलाश हदगिया, एचआर गढ़िया, मुकेश ठाकुर एवं हीरामन पटेल सदस्य रहेंगे। गलेश्वर पटेल गढ़िया मुख्य लेखा परीक्षक, संतराम मानकर कार्यालय प्रभारी, कुशल ठाकुर मीडिया एवं प्रचार मंत्री तथा कुमार घोड़ापटिया समाज सेवक बनाए गए।
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