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नोवोको ड्यूरागार्ड सीमेंट और दैनिक भास्कर की संयुक्त पहल ‘सबसे खास सरपंच’ अभियान ने 26 नवंबर को रायपुर में आयोजित क्षेत्रीय सम्मान समारोह के साथ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास में एक नई पहचान स्थापित की है।
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यह अभियान 12 जिलों की 5,983 ग्राम पंचायतों को जोड़कर सबसे बड़े नेतृत्व सम्मान कार्यक्रम के रूप में उभरा है, इसमें बिलासपुर और रायपुर संभाग के 50 से अधिक सरपंचों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
अतिथि वक्तव्य (बिलासपुर एवं रायपुर समारोह)
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि गांवों की दशा और दिशा बदलने की असली ताकत सरपंचों में होती है।
बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि गांव की उन्नति में सरपंच ही पहले और सबसे मजबूत कड़ी हैं। सरपंच ही ग्रामीण भारत को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हैं या उनका प्रयास ही इस प्रगति को नई दिशा देता है।
राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पंक्ति “अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति को योजना का लाभ मिले” को अपनाकर सभी सरपंच गांव के विकास में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
अपेक्स बैंक अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता ने कहा कि भारत की आत्मा गांव में बसती है। सभी सरपंच अपने गांव का ऐसा विकास करें कि युवा पलायन न करे और गांव में ही रहकर विकास में योगदान दें।
अभियान की चयन प्रक्रिया पारदर्शी और तीन चरणों में
- पहले चरण में 3,000 से अधिक सरपंचों में से 100 का चयन
- दूसरे चरण में प्रत्येक संभाग से 25 उत्कृष्ट सरपंच का चयन
- अंतिम चरण में ज्यूरी टीम द्वारा विकास कार्यों का निरीक्षण कर 10 सबसे खास सरपंचों का चयन
इन चरणों में 50 से अधिक मानदंडों — जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल नवाचार, पंचायत प्रशासन, कुपोषण उन्मूलन तथा लोक-नवाचार के आधार पर कठोर मूल्यांकन किया गया।
नोवोको ड्यूरागार्ड सीमेंट की विश्वसनीयता और गुणवत्ता तथा दैनिक भास्कर की व्यापक पहुंच ने इस अभियान को ग्रामीण नेतृत्व के साथ मजबूती से जोड़ते हुए इसे अत्यंत प्रभावशाली बनाया है। यह पहल 12 जिलों की 5,983 ग्राम पंचायतों को एक सूत्र में पिरोकर एक मजबूत और गतिशील नेटवर्क तैयार कर चुकी है, जिसने सफलतापूर्वक पूर्ण हुए इस आयोजन के साथ ग्रामीण विकास की नई दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है।
भास्कर और नोवोको की संयुक्त टीम ने ग्राम पंचायतों तक पहुंचकर जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों और ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए सरपंचों द्वारा किए गए विकास कार्यों के प्रभाव का प्रत्यक्ष आकलन किया। इस व्यापक और जिम्मेदार पहल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब गांवों के असली नायक दृढ़ संकल्प, समझ और समर्पण के साथ काम करते हैं, तो कोई भी बाधा उनके विकास की राह में आड़े नहीं आ सकती।
‘सबसे खास सरपंच’ कार्यक्रम प्रत्येक गांव में नए सपनों, नए विचारों और नई पहल का प्रतीक बनकर उभरा है—एक ऐसी प्रेरणा, जो पूरे देश को आगे बढ़ने की दिशा दिखाती है। यह पहल केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, सामुदायिक उत्थान और भविष्य निर्माण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का उत्सव है, जो देश के हर गांव में नेतृत्व, नवाचार और समर्पण की एक नई मिसाल स्थापित कर रही है।
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