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सुंदरगढ़ जिले के तलसरा थाना अंतर्गत बालिशंकरा ब्लॉक के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल घोघर कनाकुंड में एक बार फिर दर्दनाक हादसा सामने आया है।
राउरकेला एनआईटी के छात्र दीपेश प्रधान का शव लापता होने के 86 घंटे यानी चार दिन बाद बरामद किया गया। इस घटना के साथ ही पिछले पांच वर्षों में कनाकुंड में डूबने से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है।
जानकारी के अनुसार, दीपेश प्रधान राउरकेला एनआईटी में गणित विभाग में पीएचडी के छात्र थे। बीते शनिवार को वे अपने चार दोस्तों के साथ बोलेरो वाहन से कनाकुंड घूमने आए थे। अपराह्न लगभग 3:50 बजे सात बखरा क्षेत्र में नहाने के दौरान वे तेज जलधारा में बह गए और लापता हो गए। साथियों के शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोगों ने खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका।
इसके बाद तलसरा थाना और अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। झारसुगुड़ा और राउरकेला की ओड्राफ टीम, बालिशंकरा व सबडेगा अग्निशमन दल तथा तलसरा पुलिस ने लगातार चार दिनों तक व्यापक तलाशी अभियान चलाया। अंततः मंगलवार दोपहर करीब 12:50 बजे सबडेगा ब्लॉक की यमुना पंचायत अंतर्गत बैसनबहाल बालिघाट से, कनाकुंड के सात बखरा से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर, दीपेश का शव बरामद किया गया।
2021 से अब तक 8 मौत कनाकुंड में इससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। वर्ष 2021 से अब तक यहां आठ लोगों की मौत हो चुकी थी। तेज जलधारा, गहरे पानी और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण यह स्थल लगातार हादसों का गवाह बन रहा है। हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य से आकर्षित होकर कनाकुंड पहुंचते हैं, लेकिन लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है।
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