BJPनेता ने तबादला-सरकारी नौकरी के नाम पर 10 लाख ठगे:सरकारी कर्मचारी ने बोलेरो गिरवी रखकर जुटाई रकम,फर्जी नियुक्ति पत्र थमाया;जेल में है कृष्णा अवस्थी

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छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में पूर्व भाजपा जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी के खिलाफ ठगी का एक और मामला सामने आया है। इस बार सरकारी आयुर्वेदिक औषधालय जारा के कर्मचारी मेघनाथ बंजारे ने उनके खिलाफ शिकायत की है। आरोप है कि तबादला कराने और बाद में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे करीब 10 लाख रुपए ले लिए और फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। जानकारी के मुताबिक, मेघनाथ बंजारे ने शुक्रवार को एसपी कार्यालय में आवेदन देकर मामले की शिकायत की। आरोप है कि कृष्णा अवस्थी ने तबादला कराने के नाम पर उनसे 30 हजार रुपए लिए। तबादला नहीं होने पर जब मेघनाथ ने रकम वापस मांगी, तो आरोपी ने उनके बेटे और उसके दोस्तों को मंत्रालय में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित से करीब 10 लाख रुपए ले लिए। पीड़ित का कहना है कि रकम जुटाने के लिए उन्हें अपनी बोलेरो गाड़ी तक गिरवी रखनी पड़ी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। हालांकि, इस मामले में अभी तक FIR दर्ज नहीं की गई है। बता दें कि कृष्णा अवस्थी पहले से फर्जी तबादला पत्र मामले में जेल में बंद हैं। पढ़िए सिलसिलेवार ठगी की पूरी कहानी… दरअसल, पीड़ित मेघनाथ बंजारे मोहतरा गांव का रहने वाला है। उसने शिकायत में बताया कि वह जारा से अपने गांव के पास तबादला कराना चाहता था। पुनि राम पटेल के कहने पर उसने कृष्णा अवस्थी से संपर्क किया। आरोप है कि कृष्णा अवस्थी ने तबादला कराने के नाम पर उनसे 30 हजार रुपए लिए, लेकिन 14 महीने बीत जाने के बाद भी तबादला नहीं हुआ। राशि वापस मांगने पर नौकरी का झांसा तबादला नहीं होने पर जब मेघनाथ बंजारे ने अपनी रकम वापस मांगी, तो कृष्णा अवस्थी ने मंत्रालय में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद पीड़ित के बेटे और उसके दोस्तों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 10 लाख रुपए लिए गए। रकम जुटाने के लिए मेघनाथ बंजारे को अपनी बोलेरो गाड़ी तक गिरवी रखनी पड़ी। फोन-पे से करीब 6 लाख भेजे शिकायतकर्ता ने करीब 6 लाख रुपए के लेनदेन के दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे हैं। आरोप है कि यह राशि अलग-अलग किस्तों में कृष्णा अवस्थी के बेटे प्रणव अवस्थी के फोन-पे खाते में भेजी गई। बैंक दस्तावेजों में 5 हजार से 75 हजार रुपए तक के कई लेनदेन दर्ज हैं। इसके अलावा गांव में नकद राशि देने और 7 लाख रुपए का चेक देने का भी शिकायत में जिक्र है। तीन फर्जी नियुक्ति पत्र पुलिस को सौंपे मेघनाथ बंजारे ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तीन नियुक्ति पत्र भी पेश किए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ये सभी फर्जी हैं। इनमें संचालनालय भौमिकी और खनिकर्म में प्यून और वाहन चालक के पदों के नियुक्ति पत्र शामिल हैं। आरोप है कि इन पत्रों पर अधिकारियों के जाली हस्ताक्षर किए गए हैं। मंत्रालय के चक्कर लगवाए, नौकरी नहीं मिली आरोप है कि नियुक्ति पत्र देने के बाद कृष्णा अवस्थी युवकों को रायपुर स्थित मंत्रालय ले जाते थे। वहां संबंधित अधिकारी के नहीं मिलने सहित अलग-अलग बहाने बनाकर उन्हें वापस भेज दिया जाता था। शिकायतकर्ता के अनुसार, करीब 1 साल तक युवकों को इसी तरह मंत्रालय के चक्कर लगवाए गए, लेकिन नौकरी नहीं मिली। अवस्थी के खिलाफ तीसरी शिकायत कृष्णा अवस्थी के खिलाफ यह तीसरी शिकायत बताई जा रही है। इससे पहले भी उन पर फर्जी तबादला पत्र के जरिए ठगी का मामला दर्ज हो चुका है, जिसमें वह जेल में हैं। भाजपा ने उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। एजेंटों के जरिए ठगी का भी आरोप शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कृष्णा अवस्थी ने गांव-गांव में एजेंट बना रखे थे। ये एजेंट सत्ता से नजदीकी और प्रभाव का रौब दिखाकर लोगों को सरकारी नौकरी और तबादला कराने का झांसा देते थे। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। जांच और राशि वापस दिलाने की मांग मेघनाथ बंजारे ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और ठगी गई राशि वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस अब शिकायत, बैंक लेनदेन, नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।
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