बिलासपुर30 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

बिलासपुर में बच्चों और अभिभावकों को सीबीएसई कोर्स के नाम पर भ्रमित करने वाले ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल की मान्यता समाप्त करने की अनुशंसा की गई है। केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू के निर्देश पर शिक्षा विभाग की कमेटी ने जांच के बाद यह अभमित जिला शिक्षा अधिकारी को दी है।
दरअसल, कक्षा 5वीं और 8वीं में खुद को सीबीएसई से मान्यता प्राप्त बताने वाले ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल (मिशन अस्पताल रोड, व्यापार विहार) और नारायण ई-टेक्नो स्कूल (अमेरी रोड) के खिलाफ अभिभावकों ने मोर्चा खोल दिया था।

परिजनों ने ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
जानिए क्या है पूरा मामला?
ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल की शहर में 3 ब्रांच संचालित हैं। इसमें बहतराई के साथ ही मिशन अस्पताल रोड, व्यापार विहार शामिल हैं। व्यापार विहार और मिशन स्कूल रोड में संचालित स्कूलों में 5वीं और 8वीं का होम एग्जाम हो चुके हैं। इस बीच राज्य सरकार ने 5वीं और 8वीं में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के तहत बोर्ड परीक्षा लेने का आदेश जारी किया।
स्कूल प्रबंधन ने इस आदेश की जानकारी देते हुए अभिभावकों को बच्चों को परीक्षा दिलाने भेजने कहा। अभिभावकों का कहना था कि स्कूल प्रबंधन ने एक दिन पहले बोर्ड परीक्षा होने की जानकारी दी। उनके बच्चे परीक्षा दिला चुके हैं, ऐसे में सिर्फ एक दिन पहले सूचना देकर बोर्ड परीक्षा कैसे ली जा सकती है? बच्चों को तैयारी का समय भी नहीं मिला।
कलेक्टर ने खड़े किए हाथ, केंद्रीय राज्यमंत्री ने दिए जांच के निर्देश
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने एग्जाम से पहले हाथ खड़े कर दिए, उनका कहना था कि वो इस मामले में कुछ नहीं कर सकते। अभिभावकों को एडमिशन के समय यह सब देखना चाहिए। इससे परेशान होकर अभिभावकों ने केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू से मुलाकात स्कूल प्रबंधन की शिकायत की।
इस दौरान अभिभावकों ने अपनी समस्याएं बताई और अपने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। केंद्रीय राज्यमंत्री ने मुख्य सचिव विकासशील को पत्र लिखा। इसमें उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित कर केस की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने को कहा है। दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रबंधन के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सीबीएसई कोर्स की पढ़ाई, एग्जाम भी लिया
जांच कमेटी ने ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल व्यापार बिहार और मिशन हास्पिटल रोड़ स्थित स्कूल में पढ़ने वाले अभिभावकों का बयान लिया, जिसमें उन्होंने बताया कि स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यमं में अध्ययन अध्यापन के नाम से विद्यालय द्वारा निर्धारित फीस अब तक जमा की जाती रही है।
साथ ही अध्ययन-अध्यापन भी सीबीएसई कोर्स का कराया गया। लेकिन, अब छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक के आधार पर कक्षा 5वीं और 8 वीं के विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा दिलाने के लिए दबाव बनाया गया। जबकि, पूर्व में स्कूल प्रबंधन ने विद्यार्थियों की परीक्षा ले ली थी।
जानिए स्कूल की नर्सरी से लेकर 8वीं कक्षा की फीस
जांच कमेटी के अनुसार मिशन अस्पताल रोड स्थित ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल में वार्षिक शिक्षण शुल्क नर्सरी से क्रेजी-2 तक 32 हजार 500 रुपए है। पहली कक्षा से पांचवीं कक्षा तक 36 हजार 500 रुपए और छठवीं कक्षा से 8वीं कक्षा तक 43 हजार रुपए फीस निर्धारित है।
इसी तरह व्यापार बिहार रोड स्थित ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल में नर्सरी से केजी 2 तक 44 हजार रुपए, पहली कक्षा से पांचवीं तक 48 हजार रुपए और 6वी कक्षा से 8वीं कक्षा तक 52 हजार 700 रुपए फीस निर्धारित है।
जानिए दोनों स्कूल की दर्ज संख्या
मिशन अस्पताल रोड स्थित ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल में1449 और व्यापार बिहार स्थित ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल में 734 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इसमें पांचवीं कक्षा में 165, 86 और 8वीं कक्षा में 139 और 53 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
स्कूल प्रबंधन का जवाब- कहीं सीबीएसई का दावा नहीं किया
जांच कमेटी ने ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल के चेयरमेन प्रवीण अग्रवाल को नोटिस जारी किया था, जिसमें उनसे जवाब लिया गया। जवाब में उन्होंने कहा कि उनके स्कूल सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त हैं। किसी भी दस्तावेज में सीबीएसई का उल्लेख नहीं है। टीसी और एडमिशन फॉर्म में भी सीजी बोर्ड ही दर्ज हैं।
जांच कमेटी ने कहा- स्कूलों ने अभिभावकों को किया दिग्भ्रमित
जांच के बाद कमेटी ने अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दी है, जिसमें बताया गया है कि स्कूलों की तरफ से अभिभावकों को दिगभ्रमित किया जा रहा है। सीबीएसई के नाम पर शिक्षण शुल्क लेकर अध्ययन कराया जा रहा है।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर के पत्रानुसार स्कूल संचालन की मान्यता दी गई है न कि सीबीएसई बोर्ड। लिहाजा, उक्त दोनों विद्यालयों की मान्यता समाप्त कर शासन के नियमानुसार कार्रवाई किया जाना उचित होगा।
हाईकोर्ट ने भी लिया संज्ञान, जनहित याचिका पर सुनवाई
हाईकोर्ट में शिक्षा के अधिकार कानून के तहत गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूल में प्रवेश नहीं देने को लेकर जनहित याचिका की सुनवाई चल रही है। इस मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच को बताया गया कि, प्रदेश में स्कूल प्रबंधन की मनमानी चल रही है। वकीलों ने ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल और नारायाणा टेक्नो स्कूल की जानकारी दी।
साथ ही बताया कि पेरेंट्स को अपने बच्चों के भविष्य को लेकर सड़क पर उतरना पड़ा। इस मामले की सुनवाई के दौरान राज्य शासन की तरफ से बताया कि CBSE ने अपने मान्यता के नियम को सख्त कर दिया है।
इसके तहत CBSE उन स्कूलों को ही मान्यता देगा, जहां 12वीं कक्षा तक स्कूल संचालित है। जिन प्राइवेट स्कूलों को CBSE से मान्यता नहीं है, वो राज्य शासन के नियम और निर्देशों के तहत संचालित है।
…………………………..
इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए…
CBSE पैटर्न पर एडमिशन…अब CG बोर्ड का एग्जाम: स्कूल प्रबंधन के खिलाफ स्टूडेंट्स और पेरेंट्स ने खोला मोर्चा, देर रात स्कूल-कलेक्टर बंगले का घेराव
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ब्रिलियंट स्कूल की मान्यता को लेकर विवाद बढ़ गया है। आरोप है कि उन्हें CBSE पैटर्न के नाम पर एडमिशन दिया गया है और जब एग्जाम लेने की बारी आई तो CG बोर्ड की परीक्षा दिलाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर…

-
अंडरब्रिज मरम्मत में धीमी गति, लोगों का फूटा गुस्सा: डीआरएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन, जल्द काम पूरा करने की मांग, मिला आश्वासन
1:23
Play video
- कॉपी लिंक
शेयर
-
कंपनी गार्डन में मधुमक्खियों का हमला, 25 से अधिक घायल: सुबह की सैर पर निकले लोग जान बचाने भागे, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
1:13
Play video
- कॉपी लिंक
शेयर
-
जांजगीर में रेत का अवैध उत्खनन, बिलासपुर में सप्लाई: 15000 की रेत हुई 19000, रात में दौड़ रहे हाईवा, अवैध उत्खनन-परिवहन पर 22 वाहन जब्त
0:07
Play video
- कॉपी लिंक
शेयर
-
बिलासपुर में 17 बकरियों की संदिग्ध मौत: पेट फटे मिले, शरीर पर थे जख्म, पुलिस ने वन्यजीव हमले की आशंका जताई, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
0:33
Play video
- कॉपी लिंक
शेयर
<
