बिलासपुर नगर निगम में छह महीने से सामान्य सभा की बैठक नहीं बुलाई गई है। नियम के अनुसार हर दो महीने में बैठक होनी चाहिए। सभापति विनोद सोनी ने आयुक्त को छह बार पत्र लिखा। कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने राज्य शासन को पत्र लिखा।
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शासन को पत्र लिखने के दो दिन बाद आयुक्त ने बैठक का एजेंडा भेज दिया। इसके बाद सभापति ने 6 अक्टूबर को बैठक बुलाने का निर्देश दिया है। इस मामले में संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने निगम से प्रतिवेदन मांगा है।
निगम की राजनीति में यह घटनाक्रम मेयर पूजा विधानी और सभापति विनोद सोनी के बीच तनाव को दर्शाता है। निगम में भाजपा का शासन है। बैठक का निर्धारण मेयर और सभापति के आपसी विचार-विमर्श से होना था।
आगामी बैठक में जीएसटी में मिली छूट पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके लिए शासन ने सभी निकायों को पत्र भेजा है।

सभापति ने जनहित के मुद्दे गिनाए नगर निगम के सभापति विनोद सोनी के मुताबिक जीएसटी में बड़ी छूट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार प्रकट करने के अहम प्रस्ताव के साथ ही जनहित के तीन मुद्दे हैं, जिनके लिए उन्होंने बैठक बुलाने कहा था। इसमें जाति प्रमाण पत्र, निराश्रित पेंशन और जनहित के पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसे विषय शामिल हैं।
इसके साथ ही उन्होंने नगर निगम द्वारा आयोजित किए जाने वाले दशहरा महोत्सव, शहर में बड़े पैमाने पर हो रहे दुर्गोत्सव की व्यवस्थाओं आदि का मुद्दा भी शामिल है।
जल भराव, करंट से मौत की चर्चा तक नहीं: नेता प्रतिपक्ष नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप ने आरोप लगाया कि भरी गर्मी में जल संकट और बारिश में जल भराव की समस्या से लोग जूझते रहे पर इन ज्वलंत मुद्दों पर निगम की बैठक नहीं बुलाई गई। उन्होंने कहा कि बैठक बुलाने के लिए उन्होंने सभापति और आयुक्त को दो बार पत्र लिखे पर उस पर गौर नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही एमआईसी की बैठक बुलाई गई लेकिन इसमें भी जल भराव और इस दौरान वार्ड क्रमांक 19 कस्तूरबा नगर में करंट से आलोक दीक्षित की मौत जैसे संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा तक नहीं की गई।
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