Uncategorized

बिलासपुर के अस्थाई गौठान में दो दिन में 30 मवेशियों की मौत, शव दफनाने का आरोप

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक अस्थाई गौठान में पिछले दो दिनों में 30 मवेशियों की मौत हो गई। यह मामला सीपत क्षेत्र की ग्राम पंचायत झलमला का है, जहां फसलों को मवेशियों से बचाने के लिए अस्थाई गौठान बनाया गया है।

आरोप है कि मवेशियों के लिए चारा-पानी का कोई इंतजाम नहीं है। यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि मौत की खबर बाहर न आए, इसके लिए जेसीबी से गड्ढे खुदवाकर कुछ शवों को दफना दिया गया। हालांकि, सरपंच का कहना है कि मवेशियों की मौत बारिश और ठंड की वजह से हुई है।

बताया जा रहा है कि गौठान में करीब 300 मवेशियों को बिना पर्याप्त इंतजाम के खुले में रखा गया है। सरपंच धनलाल साहू ने करीब 2 महीने पहले खुले मैदान में फेंसिंग तार लगाकर अस्थाई गौठान तैयार कराया था। इसके बाद आसपास के खेतों में घूमने वाले मवेशियों को पकड़कर यहां रखा जाने लगा।

ग्रामीणों का आरोप है कि गौठान में बारिश से बचने के लिए शेड, पर्याप्त चारा और पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई है। मनरेगा के तहत पैरा एकत्र कराया गया था, लेकिन मवेशियों को नियमित चारा नहीं मिलने का आरोप है। यह भी आरोप है कि कीचड़, अव्यवस्था और भूख के कारण मवेशियों की मौत हुई है।

शवों को ठिकाने लगाने का भी आरोप है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मवेशियों की मौत की जानकारी बाहर न आए, इसके लिए जेसीबी से गड्ढे खुदवाकर कुछ शवों को दफना दिया गया। कुछ शवों को नाले के पानी में बहाने और अन्य स्थानों पर फेंकने की बात भी ग्रामीणों ने कही है। घटना की जांच के बाद ही मवेशियों की मौत की वास्तविक संख्या और कारण स्पष्ट हो सकेंगे।

ग्राम पंचायत झलमला के सरपंच धनलाल साहू ने कहा कि फसलों को मवेशियों से बचाने के लिए सभी ग्रामीणों की सहमति से अस्थाई गौठान बनाया गया था। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण मवेशियों की मौत हुई है। कुछ मवेशी पहले से बीमार थे। कुछ दिन पहले सीपत से आए पशु चिकित्सकों ने उनका इलाज भी किया था।

इससे पहले करीब 7 दिन पहले बलौदाबाजार जिले के एक गौठान में 20 से ज्यादा गायों के शव सड़ी-गली हालत में मिले थे। कई शवों को कुत्ते नोचकर ले गए थे, जबकि कुछ जगहों पर गायों के सिर्फ कंकाल मिले थे। गौ सेवकों का आरोप था कि गायों की मौत भूख-प्यास से हुई है। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक मौत का कारण स्पष्ट नहीं किया है।

बलौदाबाजार की घटना में गौ सेवकों के मुताबिक गौठान में करीब 200 मवेशी बंद थे, जहां ना तो चारा और ना ही पानी की व्यवस्था थी। बिलासपुर के झलमला गौठान की घटना में भी ग्रामीणों ने खुले आसमान और कीचड़ में मवेशियों के रहने की तस्वीरें सामने आने का जिक्र किया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button