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बस्तर में भीषण बाढ़: इंद्रावती खतरे के निशान से 1.20 मीटर ऊपर, नारायणपाल गांव डूबने की संभावना

बस्तर ब्लॉक में लगातार 5 दिनों से हो रही भीषण बारिश के चलते इस वर्ष की सबसे बड़ी बाढ़ देखने को मिल रही है। ग्राम पंचायत आडावाल के आश्रित ग्राम नारायणपाल में बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ रहा है। जिस गति से जलस्तर बढ़ रहा है, अगर यही स्थिति रही तो आज शाम तक पूरा नारायणपाल गांव डूबने की संभावना है। गांव वाले दहशत में हैं और समझ नहीं पा रहे हैं कि अब क्या करें।

नारायणपाल में सड़कें पूरी तरह पानी में डूब चुकी हैं, आवागमन बंद हो गया है और खेत-खलिहान जलमग्न हो गए हैं। जनहित में जारी सूचना के अनुसार मेडिकल कॉलेज रोड इस समय बंद है। लगातार हो रही बारिश से जगदलपुर के लालबाग क्षेत्र पूरा पानी में डूब चुका है, इसके चलते पूरा आवागमन बंद हो गया है और लोगों के घरों में पानी घुस गया है।

बस्तर संभाग में बारिश और बाढ़ से स्थिति बिगड़ी हुई है। इंद्रावती नदी खतरे के निशान से एक सवा मीटर ऊपर बह रही है। जगदलपुर पुराना पुल में खतरे का निशान 8.300 मीटर है, जबकि आज सुबह 9.30 बजे जलस्तर 9.500 मीटर पहुंच चुका था।

ओडिशा में इंद्रावती नदी पर स्थित खातिगुड़ा बांध के दो गेट कल रात से खोल दिए गए थे। खातिगुड़ा में एक और गेट खोल दिया गया है, अब तीन गेट खुल गए हैं। इंद्रावती की सहायक मोरान नदी के बांध का भी एक गेट आज सुबह खोल दिया गया है। इससे बस्तर में नदी का जलस्तर अब और तेजी से बढ़ सकता है।

राष्ट्रीय राजमार्ग 30 जगदलपुर और केशलूर के बीच बाधित है। राष्ट्रीय राजमार्ग 63 के भी बीजापुर जिले में एक-दो जगह पर बाढ़ से बाधित होने की सूचना है।

भारी बारिश के चलते बालोद जिले में आज सभी स्कूल बंद रहेंगे। कलेक्टर ने 25 सितंबर को छुट्टी का आदेश दिया है। सभी सरकारी, प्राइवेट और अनुदान वाले स्कूल बंद रहेंगे। आज होने वाले सभी पेपर अब 28 सितंबर को उसी टाइम पर होंगे। लगातार 2 दिन से हो रही बारिश को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के लिए ये फैसला लिया गया है।

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