हैदराबाद के हुसैन सागर झील में दो दिन तक चले पहले राष्ट्रीय आदिवासी कायाकिंग एंड कैनोइंग चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ ने शानदार प्रदर्शन किया। सब जूनियर, जूनियर और सीनियर कैटेगरी की महिला और पुरुष स्पर्धाओं में राज्य के खिलाड़ियों ने कुल 18 पदक अपने नाम
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पहले दिन जहां खिलाड़ियों ने 10 पदक जीते। वहीं दूसरे दिन भी दमदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 8 पदक हासिल किया। इस तरह कुल 18 मेडल के साथ छत्तीसगढ़ ने पानी पर अपनी ताकत साबित कर दी। इनमें दो मेडल मिक्स डबल में आए हैं। इन 18 में से 16 मेडल बस्तर के खिलाड़ियों ने जीते। पूरे प्रदेश से 14 खिलाड़ियों ने इस प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लिया था।
इनमें से 9 ने मेडल जीते हैं। बस्तर में साल 2021 से कायाकिंग एंड कैनोइंग की ट्रेनिंग शुरू हुई थी। कम समय में ही खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। चैंपियनशिप के कुछ समय पहले ही फंड की कमी के चलते खिलाड़ियों की ट्रेनिंग तक रोकनी पड़ी थी। लेकिन इसके बाद भी खिलाड़ियों ने सकारात्मक प्रदर्शन किया।
मेडल के साथ प्रदेश के खिलाड़ियों की तस्वीर…


इन्होंने जीता मेडल
| खिलाड़ी | मेडल |
| मनमती बघेल | 9 मेडल |
| सतदेव बघेल | 3 मेडल |
| सतीश कुमार ध्रुव | 1 मेडल |
| सागर | 2 मेडल |
| सुमित | 1 मेडल |
| अनुज | 1 मेडल |
| बलिराम | 1 मेडल |
| शिव पुजारी | 1 मेडल |
| ईशा मालती | 1 मेडल |
साल 2021 में हुई थी शुरुआत
कायाकिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन के सहसचिव प्रशांत सिंह रघुवंशी ने बताया कि, चार साल पहले बस्तर में तत्कालीन कलेक्टर रजत बंसल की मदद से दलपत सागर जगदलपुर में कायाकिंग एंड कैनोइंग गेम शुरू किया गया था। उनकी ही मदद से कोच भी नियुक्त हुए। इसके बाद बच्चों की ट्रेनिंग शुरू की गई।

कोच अशोक कुमार साहू साल 2021 से ट्रेनिंग दे रहा हूं। भी 30 बच्चे ट्रेनिंग ले रहे हैं। साल 2023 में दस महीने तक बिना पेमेंट भी ट्रेनिंग दी थी। लेकिन बाद ट्रेनिंग रोकनी पड़ी। छत्तीसगढ़ से 14 बच्चे गए थे। 9 बच्चों ने मेडल जीता है। इसमें ज्यादातर बस्तर से ही हैं।

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