छत्तीसगढ़

आयुष्मान योजना में फर्टिलिटी ट्रीटमेंट और आईवीएफ शामिल नहीं, दंपती को खुद उठाना पड़ता है खर्च

महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों और सर्जरी के इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना में पैकेज हैं, लेकिन मां बनने के लिए फर्टिलिटी ट्रीटमेंट और आईवीएफ जैसी प्रक्रियाओं का खर्च योजना के सामान्य कवरेज में शामिल नहीं है।

ऐसे में गर्भधारण में परेशानी का इलाज कराने वाले दंपती को इन प्रक्रियाओं का खर्च स्वयं उठाना पड़ता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुसार प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में फर्टिलिटी ट्रीटमेंट और सामान्य ओपीडी इलाज शामिल नहीं हैं।

महिलाओं की कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए योजना में बाकायदा पैकेज निर्धारित हैं। बच्चेदानी की गांठ यानी फाइब्राइड की सर्जरी, बच्चेदानी निकालने की अलग-अलग सर्जरी और अंडाशय व फैलोपियन ट्यूब से जुड़ी कई सर्जरी आयुष्मान पैकेज में शामिल हैं।

यानी बीमारी होने पर सर्जरी का खर्च योजना से मिल सकता है, लेकिन गर्भधारण में मदद के लिए कराए जाने वाले फर्टिलिटी इलाज और आईवीएफ के लिए यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।

आयुष्मान पैकेज में बच्चेदानी की गांठ यानी फाइब्राइड के इलाज के लिए एब्डामिनल मायोमेक्टामी का पैकेज 20 हजार और हिस्टेरोस्कोपिक मायोमेक्टामी का 18 हजार रुपये है।

बच्चेदानी निकालने की एब्डामिनल, नान-डिसेंट वेजाइनल, लेप्रोस्कोपिक और एलएवीएच सर्जरी के लिए 20 हजार रुपये का पैकेज है। अंडाशय और फैलोपियन ट्यूब से संबंधित कुछ सर्जरी के लिए भी पैकेज निर्धारित हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button