छत्तीसगढ़ के पेंड्रा और अमरकंटक में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पेंड्रा में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि अमरकंटक में यह लगभग 7 डिग्री रहा। इस भीषण ठंड से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
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ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं और गर्म कपड़े पहन रहे हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ठंड का व्यापक असर देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने शीतलहर की चेतावनी दी है।

ठंड से बचने अलाव का सहारा ले रहे लोग।
नवंबर महीने का मौसम रिकॉर्ड: 90 साल पहले पड़ी थी सबसे तेज गर्मी
नवंबर महीना छत्तीसगढ़ में आमतौर पर ठंड की शुरुआत का समय होता है, लेकिन मौसम विभाग के रिकॉर्ड बताते हैं कि कभी यह महीना कड़कड़ाती ठंड लेकर आया तो कभी तेज गर्मी और बारिश का गवाह भी रहा।
मौसम विज्ञान केंद्र के पुराने आंकड़ों के अनुसार 2 नवंबर 1935 को अब तक का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.6°C दर्ज किया गया था। वहीं, 22 नवंबर 1883 को सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.3°C दर्ज हुआ था जो अब तक नवंबर माह की सबसे ठंडी रात मानी जाती है।

पेंड्रा में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस पहुंचा।
शीतलहर की चेतावनी
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना जताई है, जिससे ठंड और बढ़ेगी। उत्तर छत्तीसगढ़ के इलाकों के लिए शीतलहर की चेतावनी भी जारी की गई है।
स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की उचित व्यवस्था नहीं की गई है। इसके चलते लोगों को ठंड से निपटने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पेंड्रा में शीतलहर की चेतावनी है।
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