बलौदाबाजार जिले के कसडोल जनपद पंचायत के ग्राम भद्रा स्थित गौठान में पिछले पांच महीनों में 70 से अधिक मवेशियों की मौत का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने गौठान प्रबंधन पर चारा, पानी और ठंड से बचाव की उचित व्यवस्था न होने का आरोप लगाया है। प्रशासन ने म
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ग्रामीणों के अनुसार, बीते कुछ दिनों से गौठान में लगातार मवेशियों के मरने की घटनाएं हो रही हैं। शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार कश्यप ने एसडीएम, तहसीलदार और सीईओ को लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि गौठान में लगभग 300 मवेशी रखे गए थे, जिनमें से 70 से अधिक की मौत हो चुकी है।

ग्रामीण ने सरपंच पर लगाया लापरवाही का आरोप
कश्यप ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत भद्रा के सरपंच पति राम प्रसाद वर्मा द्वारा पिछले 4-5 महीनों से गौठान में चारा, पानी, छाया और ठंड से बचाव की कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई। इसी कारण मवेशियों की रोजाना मौतें हो रही हैं।
शिकायतकर्ता ने इस स्थिति को पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 428 और 429 के तहत दंडनीय अपराध बताया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मृत मवेशियों को या तो नदी में बहा दिया गया या नदी किनारे फेंक दिया गया, जहां आवारा कुत्ते उन्हें नोच रहे हैं। इस संबंध में प्रमाण भी एकत्र किए गए हैं।
इस मामले में भाजपा मंडल महामंत्री अटल संतराम वर्मा ने सरपंच और प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चार महीनों में 70 से अधिक मवेशियों की मौत गौठान में बुनियादी सुविधाओं के अभाव का परिणाम है।
दूसरी ओर, आरोपों का जवाब देते हुए सरपंच पति राम प्रसाद वर्मा ने कहा कि जो मवेशी मरे हैं, वे पहले से ही कमजोर और वृद्ध थे। उन्होंने शेष मवेशियों के स्वास्थ्य और देखभाल को लेकर संतोष व्यक्त किया है।

मौके पर पहुंच अफसरों ने लिया जायजा
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कदम उठाया। सूचना मिलते ही कसडोल के तहसीलदार विवेक पटेल, एसडीओपी कौशल किशोर वासनिक, सीईओ कमलेश साहू और पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। उन्होंने वहां की स्थिति देखी और जांच शुरू की। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद थे।
प्रशासनिक टीम ने मरे हुए मवेशियों के शवों की जांच की और गौठान में उपलब्ध सुविधाओं को देखा।
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