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बोड़ला की रामा गौशाला में गौवंशों की लगातार हो रही मौतों ने पशु विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाज के अभाव और समय पर मदद न मिलने से कई गोवंश दम तोड़ चुके हैं। मामले से आक्रोशित गौ सेवक सीधे कलेक्टर से मिले और पशु विभाग के निष्क्रिय अधिकारियों को तत्काल हटाने की मांग करते हुए लिखित आवेदन सौंपा।
गौ सेवकों का आरोप है कि स्थिति बिगड़ने पर पशु विभाग के अधिकारियों को बार-बार फोन किया गया। लेकिन न तो कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही समय पर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई गई। सरकारी तंत्र की इसी संवेदनहीनता का खामियाजा गौवंशों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा। आवेदन में इसे साधारण लापरवाही नहीं बल्कि कर्तव्यहीनता और अमानवीय रवैया बताया गया है। गौ सेवकों का कहना है कि पशु विभाग कोई सहयोग नहीं कर रहा है।
कार्रवाई नहीं, तो गौशाला बंद करना ही विकल्प: गौ सेवकों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई और पशु विभाग ने सहयोग शुरू नहीं किया, तो रामा गौशाला को बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
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