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Home » After dogs, now snakes and scorpions will also run away from teachers in Chhattisgarh | छत्तीसगढ़ में कुत्तों के बाद अब सांप-बिच्छू भी भागएंगे टीचर: टीचरों ने बताया बेतुका फरमान, बोले-जहरीले जंतुओं से हमें भी खतरा, हमारी जान कौन बचाएगा – Chhattisgarh News
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After dogs, now snakes and scorpions will also run away from teachers in Chhattisgarh | छत्तीसगढ़ में कुत्तों के बाद अब सांप-बिच्छू भी भागएंगे टीचर: टीचरों ने बताया बेतुका फरमान, बोले-जहरीले जंतुओं से हमें भी खतरा, हमारी जान कौन बचाएगा – Chhattisgarh News

By adminDecember 9, 2025No Comments4 Mins Read
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सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को जहरीले जीव-जंतुओं को स्कूल परिसर में आने से रोकना होगा। फाइल

छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने नया निर्देश जारी किया है। अब सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आवारा कुत्तों की निगरानी करने के साथ ही सांप-बिच्छू पर भी ध्यान रखने को कहा गया है। टीचरों को जहरीले जीव-जंतुओं को स्कूल परिसर में आने से रोकना होगा।

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यह आदेश प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, प्राचार्यों और प्रधान पाठकों को दिया गया है। DPI ने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया है। वहीं आदेश को लेकर प्राचार्य और हेडमास्टर में नाराजगी है।

उन्होंने इस आदेश को बेतुका बताया है। टीचर्स एसोसिएशन ने कहा है कि सांप-बिच्छू और जहरीले जीव-जंतु से टीचर को भी खतरा हो सकता है। ऐसे जहरीले जंतुओं से शिक्षकों को कौन बचाएगा।

आदेश की कॉपी।

आदेश की कॉपी।

शिक्षकों की निगरानी का दायरा बढ़ा

सरकारी और निजी स्कूलों में अब शिक्षकों की निगरानी का दायरा बढ़ा दिया गया है। पहले आवारा कुत्ते और मवेशियों को रोकने का आदेश दिया गया था। लेकिन, अब उन्हें स्कूल परिसर के अंदर सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जंतुओं के प्रवेश पर भी रोक लगाने का निर्देश दिया गया है।

शिक्षकों को इस नए काम में टाल मटोल करने से रोकने के लिए पत्र में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सीधा हवाला दिया गया है। डीपीआई से यह आदेश मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल सभी स्कूलों को पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

18 दिन में दूसरा आदेश, विरोध के डर से कोर्ट का सहारा

आवारा कुत्तों को स्कूल परिसर में प्रवेश से रोकने, उनकी पहचान कर नगर निगम/जनपद पंचायत को सूचित करने का आदेश डीपीआई ने 20 नवंबर को जारी किया था। इसके ठीक 18 दिन बाद अब शिक्षकों के लिए एक और नया आदेश आ गया है।

इस आदेश में संस्था प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जंतुओं को शाला परिसर के अंदर प्रवेश न करने दें। सरकार के इस आदेश का शिक्षक खुलकर विरोध न कर सकें, इसलिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया गया है।

टीचर्स एसोसिएशन ने कहा- शिक्षकों की गरिमा का ख्याल रखे सरकार

प्राचार्यों और हेडमास्टरों का कहना है कि वे SIR का काम संभाल रहे हैं। अब कुत्ते पकड़वाने और निगरानी में ड्यूटी भी लगा दी गई है। नगर निगम, नगर पंचायत और जनपद पंचायतों के डॉग कैचर को जानकारी देने के लिए कहा गया है।

इससे मूल काम डिस्टर्ब होगा। वहीं, टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि सरकार को शिक्षकों की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। कुत्तों के बाद अब सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीव-जंतुओं से शिक्षकों की जान को भी खतरा हो सकता है।

जानिए शिक्षकों की नई जिम्मेदारियां ?

  • स्कूल परिसर में खेल रहे बच्चे नदी या तालाब गए और कोई दुर्घटना हुई, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी प्राचार्य, प्रधान पाठक और शिक्षक की होगी।
  • स्कूल का भवन जर्जर होने से बच्चों को चोट लगने प्राचार्य, प्रधान पाठक और शिक्षक जिम्मेदार होंगे।
  • मध्याह्न भोजन खराब मिलने पर भी यही लोग जिम्मेदार होंगे।
  • बच्चों का अपार आईडी, जाति प्रमाण पत्र, एसआईआर और स्मार्ट कार्ड बनवाने की जिम्मेदारी भी शिक्षकों की है।
  • स्कूल खुलते ही बच्चों को सरकारी स्कूल में भेजने के लिए पालकों से घर-घर जाकर मिलने का काम भी शिक्षकों को ही करना है।

डीईओ बोले- सुप्रीम कोर्ट का आदेश

जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे का कहना है कि यह सुप्रीम कोर्ट का आदेश है। सभी प्राचार्य और प्रधान पाठकों को अनिवार्य रूप से इसका पालन करना होगा। इसके लिए सभी स्कूलों को आदेश जारी कर दिया गया है।

…………………………………….

इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…

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छत्तीसगढ़ में कुत्तों की निगरानी के लिए प्राचार्यों की ड्यूटी लगाई गई।

छत्तीसगढ़ में कुत्तों की निगरानी के लिए प्राचार्यों की ड्यूटी लगाई गई।

छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सरकारी स्कूलों के प्राचार्य और हेडमास्टरों की ड्यूटी आवारा कुत्तों की निगरानी में लगाई है। DPI ने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया है। वहीं आदेश को लेकर प्राचार्य और हेडमास्टर में नाराजगी है। पढ़ें पूरी खबर…



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