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नर्सिंग कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए ANM, GNM, B.Sc. नर्सिंग, PBBSc (N) और MSc (N) पाठ्यक्रमों में दाखिले की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब देशभर के सभी नर्सिंग
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यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में लिया गया है। इससे पहले एडमिशन की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2025 निर्धारित थी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फैसला
INC द्वारा जारी नोटिफिकेशन नंबर 23/2025 के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने
- 2 दिसंबर 2025 को मध्यप्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में 31 दिसंबर तक एडमिशन की अनुमति दी थी।
- इसके बाद 18 दिसंबर 2025 को देशभर के नर्सिंग कॉलेजों के लिए भी प्रवेश की समय-सीमा 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ाने का निर्देश दिया गया।
इन आदेशों के बाद समानता बनाए रखने के उद्देश्य से इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने पूरे देश के लिए एडमिशन डेट बढ़ाने का फैसला लिया है।
पर्सेंटाइल कटऑफ समाप्त कर शून्य पर्सेंटाइल में एडमिशन की मांग
निजी नर्सिंग महाविद्यालय संघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि पीएनटी (प्री नर्सिंग टेस्ट) में पर्सेंटाइल कटऑफ समाप्त कर इसे शून्य पर्सेंटाइल किया जाए और प्रवेश की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ाई जाए। इस संबंध में संचालक, चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी), नई दिल्ली को पत्र भेजा गया है।
पत्र में तर्क दिया गया है कि छत्तीसगढ़ आदिवासी बहुल राज्य है, जहां उच्च पर्सेंटाइल स्कोर करना छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण है।
यही पैटर्न फॉलो किया जा रहा
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों से यह पैटर्न लगातार दोहराया जा रहा है। हर साल 30 हजार से ज्यादा छात्र परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन इसके बावजूद नर्सिंग कॉलेजों की सीटें नहीं भरतीं। ऐसे में प्रवेश परीक्षा में ‘फेल’ हुए या कम पर्सेंटाइल वाले छात्रों को भी प्रवेश दिलाने के लिए पर्दे के पीछे से दबाव बनाया जाता है।
इस बार भी वही कहानी दोहराई गई थी। कॉलेज संचालकों की मांग पर विभाग ने न केवल पर्सेंटाइल कम करने बल्कि प्रवेश की अंतिम तिथि को भी 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ाने का प्रस्ताव भेज दिया पहले ही भेज दिया था।
फर्स्ट काउंसलिंग के बाद चार सीटें खाली रह गई
प्रदेश में कुल 7811 सीटें हैं, जिनमें से काउंसलिंग के पहले चरणों के बाद भी 4147 सीटें खाली गई थी। इंडियन नर्सिंग काउंसिल द्वारा निर्धारित योग्यता के अनुसार सामान्य वर्ग के लिए पीसीबी में 45% तथा एसटी, एससी, ओबीसी वर्ग के लिए पीसीबी में 40% अनिवार्य है।
इसके अलावा प्री नर्सिंग टेस्ट प्रवेश परीक्षा में सामान्य वर्ग के लिए 50 पर्सेंटाइल तथा आरक्षित वर्ग के लिए 40 पर्सेंटाइल आवश्यक है।
रेगुलर और इर्रेगुलर बैच का नियम रहेगा लागू
INC ने स्पष्ट किया है कि पहले से तय शर्तें यथावत रहेंगी—
- 31 अक्टूबर 2025 तक प्रवेश लेने वाले छात्र ‘रेगुलर/ईवन बैच’ में माने जाएंगे।
- 1 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 के बीच प्रवेश लेने वाले छात्र ‘इर्रेगुलर/ऑड बैच’ में शामिल होंगे।
इर्रेगुलर बैच के छात्रों के लिए कक्षाएं और परीक्षाएं अलग से आयोजित करनी होंगी, ताकि रेगुलर बैच की पढ़ाई और परीक्षा प्रभावित न हो।
B.Sc. नर्सिंग में प्रवेश सिर्फ एंट्रेंस एग्जाम से
INC ने साफ किया है कि B.Sc. नर्सिंग में प्रवेश केवल राज्य सरकार के कॉमन एंट्रेंस एग्जाम या विश्वविद्यालयों द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से ही होगा। साथ ही न्यूनतम क्वालिफाइंग परसेंटाइल से संबंधित नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
नर्सिंग काउंसिल ने चेतावनी दी है कि
- प्रवेश नियमों में किसी भी तरह का बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर राज्य परीक्षा बोर्ड, काउंसिल या विश्वविद्यालय द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- कुल प्रवेश संख्या स्वीकृत सीटों से अधिक नहीं होनी चाहिए।
31 दिसंबर के बाद कोई राहत नहीं
INC ने स्पष्ट कर दिया है कि 31 दिसंबर 2025 के बाद कोई भी प्रवेश मान्य नहीं होगा और इसके बाद एडमिशन की समय-सीमा में कोई और विस्तार नहीं दिया जाएगा।
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